शिवाजी कुमार सिंह:नई दिल्ली। अक्टूबर महीने की शुरुआत के साथ ही देश में बैंकिंग, रसोई गैस, टैक्स और डिजिटल पेमेंट से जुड़े कई नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। कुछ बदलाव सीधे आम उपभोक्ताओं से जुड़े हैं, जबकि कुछ का असर कारोबारियों और निवेशकों पर पड़ेगा। ऐसे में 1 अक्टूबर से लागू हुए प्रमुख बदलावों के बारे में जानना जरूरी है।
LPG सब्सिडी के लिए आधार बायोमेट्रिक जरूरी
घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से जुड़ा नियम लागू हो गया है। सब्सिडी का लाभ लेने और निर्धारित कीमत पर रिफिल प्राप्त करने के लिए पात्र उपभोक्ताओं को यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। जिन लोगों का बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पहले ही हो चुका है, उन्हें इसे दोबारा कराने की जरूरत नहीं होगी।
SBI ग्राहकों के लिए ATM इस्तेमाल का नियम बदला
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के कुछ सैलरी पैकेज खाताधारकों के लिए दूसरे बैंकों के ATM से मुफ्त लेनदेन की सीमा घटा दी गई है। अब ऐसे ग्राहकों को महीने में 5 मुफ्त लेनदेन की सुविधा मिलेगी, जबकि पहले यह सीमा 10 थी। तय सीमा के बाद अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ महंगा

1 अक्टूबर से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में इसकी कीमत 2,747.50 रुपये से बढ़कर 2,810 रुपये हो गई है। मुंबई, चेन्नई और लखनऊ समेत दूसरे शहरों में भी कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, घरेलू इस्तेमाल वाले 14.2 किलो के LPG सिलेंडर की कीमत में इस बार बदलाव नहीं किया गया है।
Bulk FD की ब्याज दरों में पारदर्शिता बढ़ेगी
बैंकों में बड़ी रकम वाली Bulk Fixed Deposit को लेकर भी नए नियम लागू हुए हैं। बैंकों को Bulk Deposit पर लागू ब्याज दरों की जानकारी अपनी वेबसाइट पर नियमित रूप से सार्वजनिक करनी होगी। इसका उद्देश्य ग्राहकों को ब्याज दरों की बेहतर और स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराना है।
NPS से जुड़े शुल्क में बदलाव
नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS में नए खातों के लिए Points of Presence के जरिए खाता खोलने पर शुल्क संरचना में बदलाव किया गया है। नए NPS खाते के लिए 200 रुपये का onboarding charge निर्धारित किया गया है, जिस पर लागू टैक्स अलग से हो सकता है।
UPI पर 15 अक्टूबर से नया MDR नियम

UPI से जुड़े बदलाव की शुरुआत 15 अक्टूबर से होगी। तय श्रेणी के 2,000 रुपये से अधिक के Person-to-Merchant यानी P2M लेनदेन पर Merchant Discount Rate यानी MDR लागू होगा। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर ग्राहक को UPI से भुगतान करने पर सीधे अतिरिक्त शुल्क देना होगा। यह शुल्क मुख्य रूप से मर्चेंट पेमेंट सिस्टम से जुड़ा है।
NRI से संपत्ति खरीदने पर TDS प्रक्रिया में बदलाव
NRI से अचल संपत्ति खरीदने वाले निवासी व्यक्ति और HUF के लिए TDS से जुड़ी प्रक्रिया में भी बदलाव हुआ है। निर्धारित मामलों में अब अलग TAN की आवश्यकता नहीं होगी और PAN के जरिए TDS अनुपालन किया जा सकेगा। हालांकि, लागू होने पर TDS काटने और जमा करने की जिम्मेदारी बनी रहेगी।
अक्टूबर में RBI के फैसले पर भी नजर
RBI की मौद्रिक नीति समिति की बैठक 5 से 7 अक्टूबर के बीच निर्धारित है। 7 अक्टूबर को नीतिगत फैसला आएगा। रेपो रेट में बदलाव होने पर आगे चलकर बैंक लोन और जमा योजनाओं की ब्याज दरों पर असर पड़ सकता है, हालांकि इसका असर बैंक और उत्पाद के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
कुल मिलाकर, 1 अक्टूबर से हुए बदलावों में LPG सब्सिडी के लिए आधार ऑथेंटिकेशन, SBI के ATM नियम, कमर्शियल LPG की कीमत, Bulk FD और NPS से जुड़े नियम प्रमुख हैं। वहीं UPI का नया MDR ढांचा 15 अक्टूबर से लागू होगा। ऐसे में उपभोक्ताओं और कारोबारियों को अपने-अपने लागू नियमों की जानकारी रखना जरूरी है।
