पलक राजपूत दिल्ली: आईआईटी बॉम्बे में छात्र की आत्महत्या से मचा हड़कंप, चैटजीपीटी पर फंसा था मामलाआईआईटी बॉम्बे के पवई स्थित कैंपस से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के बीटेक सेकंड ईयर के छात्र साहिल रवींद्र वाकोडे (22) ने हॉस्टल नंबर-4 के अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।पूरा मामला क्या है?जानकारी के मुताबिक शुक्रवार 19 सितंबर को मिड-सेमेस्टर परीक्षा चल रही थी। परीक्षा हॉल में इनविजिलेटर ने साहिल को मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ लिया।
जांच में पता चला कि उसने क्वेश्चन पेपर की तस्वीर खींचकर एआई टूल चैटजीपीटी पर अपलोड की थी ताकि वह जवाब ढूंढ सके।इसके बाद विभागाध्यक्ष और विषय के शिक्षक ने उसे अपने कार्यालय में बुलाया। छात्रों का आरोप क्या है?प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि इस मीटिंग और काउंसलिंग के दौरान छात्र पर अत्यधिक मानसिक दबाव बनाया गया।
आईआईटी बॉम्बे ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा
उसे एक साल के सस्पेंशन की धमकी दी गई। सस्पेंड होने पर उसे हॉस्टल खाली करना पड़ता और उसकी 4 साल की डिग्री 5 साल में पूरी होती। इसी डर और तनाव के कारण उसने हॉस्टल लौटते ही यह कदम उठा लिया।आईआईटी प्रशासन ने क्या कहा? आईआईटी बॉम्बे ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि छात्र के खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। उसे सिर्फ काउंसलिंग की गई थी और आश्वासन दिया गया था कि इस घटना का उसके करियर पर कोई बुरा असर नहीं पड़ने दिया जाएगा।कैंपस में बवाल -साहिल की मौत की खबर फैलते ही देर रात सैकड़ों छात्र गुस्से में सड़कों पर उतर आए।
पिछले 2 महीने में यह कैंपस में दूसरी और इस साल की चौथी आत्महत्या है।
छात्रों ने मुख्य प्रशासनिक भवन के बाहर धरना देकर जमकर नारेबाजी की और पारदर्शी जांच की मांग की। छात्रों का कहना है कि पिछले 2 महीने में यह कैंपस में दूसरी और इस साल की चौथी आत्महत्या है।विरोध को देखते हुए संस्थान ने सभी मिड-सेम परीक्षाओं को फिलहाल स्थगित कर दिया है। पवई पुलिस ने एडीआर दर्ज कर शव को राजावाड़ी अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।

आईआईटी बॉम्बे कैंपस में देर रात छात्रों का प्रदर्शन। (फाइल फोटो)
