Baljinder Kaur: आज के समय में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। शहरों में तो हालत इतने खराब हो गए हैं कि लोग घर के अंदर भी साफ हवा पाने के लिए एयर प्यूरीफ़ायर का सहारा लेने लगे हैं। अच्छी बात यह है कि बिना किसी मशीन के भी घर की हवा को काफी हद तक शुद्ध और ताज़ा रखा जा सकता है। इन तरीकों में न तो ज्यादा खर्च होता है और न ही ज्यादा मेहनत। बस थोड़ी सी समझ और नियमित देखभाल से आपका घर बन सकता है स्वच्छ हवा का छोटा सा आशियाना।
गीले कपड़े से सतहों की सफाई
झाड़ू लगाने या सूखे कपड़े से पोंछने से धूल हवा में उड़ सकती है। इसके बजाय, हल्के गीले कपड़े का इस्तेमाल करें। इससे धूल, जानवरों के बाल और अन्य कण हवा में नहीं उड़ेंगे और साफ हो जाएंगे।
सफ़ाई रखें नियमित – धूल कम, प्रदूषण कम
घर में जमी धूल भी एक बड़ा प्रदूषण कारक होती है।
रोज़ाना झाड़–पोंछ करें।
परदों, कार्पेट और सोफ़ों की नियमित सफाई से हवा में धूल के कण कम होते हैं।
अगर संभव हो तो कार्पेट का उपयोग कम करें, क्योंकि इसमें सबसे ज्यादा धूल जमा होती है।
प्राकृतिक सुगंध और हवा शुद्ध करने वाले घरेलू उपाय
बाजार से खरीदे रूम फ्रेशनर में कई तरह के केमिकल होते हैं जो हवा को और खराब कर सकते हैं।
इसके बजाय प्राकृतिक विकल्प चुनें:
कपूर जलाना: यह हवा को शुद्ध करता है और कीटाणुओं को भी कम करता है।
लोबान या धूप: ये प्राकृतिक रूप से बैक्टीरिया मारते हैं और घर में ताज़गी फैलाते हैं।
नीम की पत्तियाँ: इन्हें पानी में उबालकर भी घर में छिड़काव किया जा सकता है।
लैवेंडर या लेमनग्रास ऑयल: पानी में मिलाकर स्प्रे करने से घर में ताजगी रहती है।
नमी का संतुलन बनाए रखें
बहुत ज्यादा नमी होने से फफूंदी (mold) बनती है जो हवा को दूषित करती है और एलर्जी बढ़ाती है।
रसोई और बाथरूम हमेशा सूखे रखें।
घर में धूप आने दें, धूप नमी को कम करती है।
अगर घर में नमी ज्यादा हो तो मोटे पर्दों या भारी गमलों को कम करें ताकि हवा आसानी से घूम सके।
इनडोर पौधे बनेंगे प्राकृतिक एयर प्यूरीफ़ायर
कई ऐसे पौधे हैं जो हवा से प्रदूषण और ज़हरीले कणों को प्राकृतिक रूप से सोख लेते हैं।
स्नेक प्लांट, पीस लिली, मनी प्लांट, स्पाइडर प्लांट जैसे पौधे घर की हवा को शुद्ध करते हैं।
ये पौधे कम देखभाल में भी चल जाते हैं और घर की खूबसूरती भी बढ़ाते हैं।
बिना एयर प्यूरीफ़ायर के भी घर की हवा को पूरी तरह से साफ, ताज़ा और स्वच्छ रखा जा सकता है। इसके लिए बस कुछ सरल आदतों को अपनाने की जरूरत है।
