Toshi Gupta: आज के समय में करोड़ों लोग QR का इस्तेमाल करते हैं। दिन में करीब 10 से 12 बार हम क्यूआर कोड का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि आप जिस QR कोड का इस्तेमाल करते हैं उसको कब और कैसे बनाया गया। अगर नहीं तो चलिए जानते हैं आखिर QR कोड का जन्म कैसे हुआ?
क्यूआर कोड का जन्म कैसे हुआ?
क्यूआर कोड यानी (Quick Response) का जन्म 1994 में हुआ था। इसको जापान की डेंसो वेव नाम की कंपनी ने बनाया था। क्यूआर कोड को बनाने वाले इंजीनियर का नाम मासाहीरो हारा था। जिन्होंने पहली बार कर कोड को बनाया था।
क्यूआर कोड को क्यों बनाया गया?
क्यूआर कोड गाड़ियों के पार्ट्स को ट्रैक करने के लिए बनाया गया था। दरअसल, साल 1994 में जापान की फैक्टरीज में गाड़ियों के पार्ट्स को स्कैन किया जाता था। जिसके लिए बारकोड का इस्तेमाल होता था। लेकिन बारकोड में इनफार्मेशन बहुत कम स्टोर होती थी और मशीन को हर बारकोड को अलग-अलग स्कैन करना पड़ता था। जिसमें काफी समय बर्बाद हो जाता था। इस परेशानी को दूर करने के लिए QR कोड को बनाया गया। क्योंकि QR कोड में चीजें जल्दी स्कैन होती हैं।
आज के समय में क्यूआर कोड का इस्तेमाल कहां-कहां किया जाता हैं?
आज के समय में क्यूआर कोड हमारी जिंदगी का एक हिस्सा बन चुका हैं। आजकल हर पेमेंट के लिए ,वेबसाइट लिंक के लिए, टिकट स्कैनिंग के लिए, या फिर प्रोडक्ट की इनफार्मेशन के लिए कर कोड इस्तेमाल किया जाता हैं।
