Baljinder Kaur: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी ऋचा घोष अब पुलिस अधिकारी भी बन गई हैं। उन्हें पश्चिम बंगाल पुलिस में DSP (डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) बनाया गया है और उनकी पहली पोस्टिंग उनके ही होम-टाउन Siliguri में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) के रूप में हुई है।
कैसे बनीं DSP?
भारत की जीत के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने उन्हें सम्मानित करने का फैसला किया। सरकार ने उनके शानदार खेल और देश को गौरवान्वित करने के बदले उन्हें पुलिस विभाग में DSP पद दिया। यह पद बहुत सम्मानित माना जाता है।
Hometown में पोस्टिंग क्यों खास है?
पश्चिम बंगाल पुलिस ने बुधवार 3 दिसंबर 2025 को आधिकारिक रूप से बताया कि ऋचा घोष ने Siliguri पुलिस आयुक्तालय में ACP के रूप में अपनी ड्यूटी संभाली। ऋचा घोष का जन्म और बचपन सिलीगुड़ी में बीता। अब उन्हें उसी शहर में ACP (Assistant Commissioner of Police) के तौर पर पोस्टिंग मिली है। अपने ही शहर में पोस्टिंग मिलना किसी भी व्यक्ति के लिए बेहद गर्व की बात होती है।
ऋचा घोष ने सिलीगुड़ी में ACP पद संभाला
पश्चिम बंगाल पुलिस ने बुधवार को बताया कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य और विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रही ऋचा घोष पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर राज्य पुलिस बल में शामिल हो गई हैं। साथ ही सिलीगुड़ी में सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) के रूप में जिम्मेदारी संभाली।
अधिकारियों ने बताया कि 22 वर्षीय ऋचा ने सिलीगुड़ी पुलिस आयुक्तालय में पद संभाला, जहां उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य सदस्यों से मुलाकात की।
युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा
खेल से प्रशासन तक, रिचा ने यह दिखा दिया कि प्रतिभा किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं होती।
उनकी नियुक्ति न सिर्फ एक सम्मान है, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा भी दिखाती है कि खेल उपलब्धि का सामना केवल खेल तक सीमित नहीं बल्कि सामाजिक भी हो सकती है।
ऋचा घोष का DSP बनना और hometown में पोस्टिंग मिलना उनके जीवन की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से जिंदगी में कई मुकाम हासिल किए जा सकते हैं। अब उनके शहर और पूरे देश को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। क्रिकेट मैदान पर चौके-छक्के लगाने वाली यह युवा खिलाड़ी अब समाज की सुरक्षा और सेवा में भी अपनी भूमिका निभाएगी।
