Suvangi Pradhan: क्रिकेट की दुनिया में भारत अपनी घरेलू सरज़मीन पर हमेशा से एक मज़बूत किला साबित हुआ है…यही वजह है कि साउथ अफ्रीका जैसी मज़बूत टीम भी पिछले 15 सालों से भारत में कोई टेस्ट मैच जीतने में नाकाम रही है…2008 के बाद से लेकर अब तक अफ्रीकी टीम ने कई दौरे किए, लेकिन हर बार उसे हार या ड्रॉ से ही संतोष होना पड़ा…
2008 में, ग्रेम स्मिथ की कप्तानी में साउथ अफ्रीका ने हासिल की थी जीत
साल 2008 में जब ग्रेम स्मिथ की कप्तानी में साउथ अफ्रीका ने भारत का दौरा किया था, तब उन्होंने अहमदाबाद टेस्ट में जीत हासिल की थी…लेकिन उसके बाद से भारतीय टीम ने अपने घरेलू हालात में जिस तरह का दबदबा बनाया, उसने दुनिया की हर टीम के लिए चुनौती खड़ी कर दी…फिर चाहे वह ऑस्ट्रेलिया हो, इंग्लैंड हो या साउथ अफ्रीका — सबको भारत में हार का स्वाद चखना पड़ा…इस बार भी हालात कुछ अलग नहीं दिखे…भारतीय स्पिनरों ने एक बार फिर अपनी पकड़ मज़बूत दिखाई और साउथ अफ्रीका के बल्लेबाज़ों को परेशान कर दिया…रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की जोड़ी ने अफ्रीकी बल्लेबाज़ों के लिए रन बनाना मुश्किल कर दिया…वहीं भारतीय बल्लेबाज़ों ने घरेलू पिच का पूरा फायदा उठाते हुए बड़ी साझेदारियां निभाईं…
साउथ अफ्रीका को भारत में जीत के लिए अपनी रणनीति में करना होगा बड़ा बदलाव
भारत में टेस्ट जीतना किसी भी विदेशी टीम के लिए आसान नहीं रहा है…यहाँ की टर्निंग पिचें, भीड़ का दबाव और लगातार बदलते हालात खिलाड़ियों की परीक्षा लेते हैं…साउथ अफ्रीका के लिए भी यही कहानी दोहराई गई…क्रिकेट विश्लेषकों का कहना है कि साउथ अफ्रीका को भारत में जीतने के लिए अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करना होगा…उन्हें न सिर्फ स्पिन से निपटने की कला सीखनी होगी, बल्कि भारतीय परिस्थितियों में लंबे सेशन तक टिकने की क्षमता भी दिखानी होगी…
पिछले 15 सालों के बाद, क्या इस बार भी साउथ अफ्रीका की हालात वैसे ही रहेगी
क्या भारत फिर साबित कर देगी कि अपने घर में वह अब भी अपराजेय है…सवाल अब यह है कि क्या कभी साउथ अफ्रीका इस सूखे को तोड़ पाएगी, या भारत की धरती उसके लिए हमेशा कठिन मैदान बनी रहेगी..
