कामना कासोटिया, भोपाल: चौरई के लोकप्रिय विधायक चौधरी सुजीत मेर का नाम आज उन जनप्रतिनिधियों में गिना जाता है जो जमीन से जुड़े हैं, और जिनकी राजनीति केवल सत्ता तक सीमित नहीं, बल्कि सेवा और सरोकार की मिसाल है। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से दो बार विधायक चुने जा चुके हैं और अपने क्षेत्र में विकास और जनसेवा के लिए विशेष रूप से पहचाने जाते हैं।
व्यक्तिगत परिचय:
चौधरी सुजीत मेर का जन्म 12 मई 1969 को छिंदवाड़ा जिले में हुआ। उनके पिता स्व. श्री मेर सिंह चौधरी एक ईमानदार और मेहनती किसान थे। वे शिक्षा के क्षेत्र में भी अग्रणी रहे हैं। उन्होंने बीएससी, बीएड और एमए (राजनीति विज्ञान) की डिग्रियाँ प्राप्त की हैं। वर्तमान में वे कृषक होने के साथ-साथ समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं।
उनकी पत्नी श्रीमती कांति चौधरी गृहिणी हैं, और उनके परिवार में दो पुत्रियाँ हैं। उनका स्थायी निवास ग्राम थावरी, पोस्ट कुंडा, तहसील चौरई है।
राजनीतिक यात्रा की शुरुआत:
सुजीत मेर का राजनैतिक जीवन आम जनता के बीच से शुरू हुआ। वे वर्षों तक समाजसेवा, शिक्षा और जनसम्पर्क के माध्यम से लोगों की सेवा करते रहे। उनकी सादगी, व्यवहारिकता और समस्या-समाधान की क्षमता ने उन्हें जनता के बीच विश्वसनीय बनाया। वर्ष 2018 में उन्होंने पहली बार कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चौरई विधानसभा से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इसके बाद 2023 में उन्होंने एक बार फिर चौरई की जनता का विश्वास जीता और दूसरी बार विधायक चुने गए। 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी को 18,765 वोटों से हराया।
विकास कार्यों की सूची:
विधायक बनने के बाद चौधरी सुजीत मेर ने क्षेत्र में कई ज़रूरी विकास कार्य कराए, जिनमें शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी गई:
शिक्षा के क्षेत्र में:
- ग्रामीण स्कूलों में नए भवनों का निर्माण।
- छात्रवृत्ति वितरण में पारदर्शिता।
- स्कूलों में स्मार्ट क्लास और डिजिटल लर्निंग की शुरुआत।
स्वास्थ्य सुविधाएँ:
- चौरई और आस-पास के गांवों में नए स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना।
- गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए मुफ्त चिकित्सा शिविरों का आयोजन।
- एम्बुलेंस सेवाओं में सुधार।
सड़क और अधोसंरचना:
- चौरई क्षेत्र में 100+ किमी ग्रामीण सड़कों का निर्माण/पुनर्निर्माण।
- पुल-पुलियों की मरम्मत और नई बस स्टॉप सुविधाएँ।
पेयजल व्यवस्था:
- हैंडपंप और नल-जल योजनाओं को गति दी।
- गर्मियों में जल संकट से निपटने के लिए टैंकर व्यवस्था और नए बोरवेल खुदवाए।
कृषि और किसान हित:
- किसानों के लिए फसल बीमा योजना का लाभ दिलाया।
- बिजली और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार।
- जैविक खेती को प्रोत्साहन और प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन।
महिला सशक्तिकरण:
- स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहायता।
- महिला प्रशिक्षण केंद्रों की शुरुआत।
- बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएँ लागू कीं।
जनता से गहरा जुड़ाव:
चौधरी सुजीत मेर का जनता से सीधा जुड़ाव ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। वे हर सप्ताह जनसुनवाई आयोजित करते हैं और अधिकांश समस्याओं का समाधान स्वयं करवाते हैं। चाहे किसी को राशन कार्ड बनवाना हो या अस्पताल में इलाज कराना हो, लोग सीधे विधायक जी से संपर्क करते हैं।
चौधरी सुजीत मेर सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि आम जनता की उम्मीद का नाम हैं। दो बार लगातार जीतना इस बात का प्रमाण है कि जनता ने उनके कार्यों और व्यक्तित्व पर भरोसा जताया है। उन्होंने राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया है और आगे भी उनका संकल्प है कि चौरई को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार के क्षेत्र में मध्यप्रदेश का मॉडल क्षेत्र बनाएँगे।

