कामना कासोटिया भोपाल:
डॉ. योगेश पंडाग्रे: आमला के सेवा और विकास के समर्पित जनप्रतिनिधि
आमला विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, भारतीय जनता पार्टी के एक उभरते हुए नेता हैं, जिन्होंने अपने पेशेवर चिकित्सा अनुभव और जनसेवा की भावना से आम जनता के बीच मजबूत पहचान बनाई है। उन्होंने ना केवल राजनीतिक क्षेत्र में सेवा की मिसाल पेश की है, बल्कि आमला क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य भी कराए हैं।
डॉक्टर से जनसेवक तक का सफर
डॉ. योगेश पंडाग्रे का जन्म 30 जून 1977 को बैतूल जिले में हुआ था। उनके पिता स्व. श्री श्रवण पंडाग्रे थे। वे एक पढ़े‑लिखे, संवेदनशील और सामाजिक मूल्यों से प्रेरित व्यक्ति हैं।
उन्होंने एम.बी.बी.एस. और एम.डी. की शिक्षा प्राप्त कर चिकित्सा क्षेत्र में सेवा की। पेशे से डॉक्टर होने के कारण उन्हें समाज की स्वास्थ्य संबंधी ज़रूरतों की गहरी समझ है।
उनकी पत्नी श्रीमती संजू पंडाग्रे हैं, और उनका एक पुत्र है।
राजनीतिक यात्रा
डॉ. पंडाग्रे का राजनीति में प्रवेश भाजपा के संगठनात्मक कार्यों से हुआ।
- वे भाजपा के जिला कार्यकारिणी सदस्य रहे।
- भाजपा के चिकित्सा प्रकोष्ठ के सह-संयोजक भी रहे।
- इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की बैतूल ब्रांच के सचिव पद पर भी उन्होंने कार्य किया।
जनता के बीच उनकी सक्रियता, जनसंपर्क और सेवाभाव के कारण उन्हें 2018 में पहली बार पन्द्रहवीं विधानसभा में आमला से विधायक चुना गया।
इसके बाद 2023 में पुनः जनता ने उन्हें बहुमत से विजयी बना कर दूसरी बार विधायक चुना।
2023 चुनाव में जीत का आंकड़ा
डॉ. योगेश पंडाग्रे ने 2023 के मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी श्री मनोज मालवे को 12,118 मतों के अंतर से हराया।
- उन्हें कुल 86,726 वोट प्राप्त हुए।
- कांग्रेस प्रत्याशी को 74,608 वोट मिले।
- उनका वोट प्रतिशत 51.40% रहा।
यह जीत यह दर्शाती है कि जनता ने उनके पिछले कार्यकाल को सराहा और उनके विकास कार्यों में विश्वास जताया।
विकास कार्य: आमला की तस्वीर बदलने की कोशिश
1. ब्लड स्टोरेज यूनिट की स्थापना
डॉ. पंडाग्रे के प्रयासों से आमला के सरकारी अस्पताल में रक्त भंडारण (ब्लड स्टोरेज यूनिट) की मंजूरी मिली।
यह यूनिट गंभीर मरीजों, प्रसव के समय रक्त की आवश्यकता और दुर्घटनाओं में ज़िंदगी बचाने का काम करेगी।
2. स्वच्छ पेयजल योजना
ग्राम ससाबड़ में ₹1.14 करोड़ की लागत से 1.5 लाख लीटर क्षमता की पानी की टंकी का निर्माण कार्य शुरू हुआ है।
इस योजना से करीब 550 परिवारों को घर-घर स्वच्छ पेयजल मिलेगा।
3. अन्य ग्रामीण विकास कार्य
- ग्राम रमली, लादी, बोरदेही, आदि गांवों में सीमा निर्माण, सांस्कृतिक मंच, और अन्य ग्रामीण विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं कार्यारंभ किया गया।
- संपर्क मार्ग, आंगनबाड़ी भवन, और बिजली संबंधी कार्य भी प्राथमिकता पर हैं।
जनता से जुड़ाव
डॉ. पंडाग्रे की कार्यशैली की सबसे खास बात यह है कि वे आमजन के लिए हमेशा उपलब्ध रहते हैं।
‘डॉक्टर साहब से नेता तक’ — यह उनका सफर नहीं, बल्कि आम जनता के लिए सेवा का माध्यम बना है।
चाहे स्वास्थ्य शिविर हों या पानी-बिजली की समस्या, वे गांव-गांव जाकर लोगों की बात सुनते हैं और त्वरित समाधान का प्रयास करते हैं।
चुनौतियाँ और उम्मीदें
हालांकि कई विकास कार्य हुए हैं, लेकिन क्षेत्र में अब भी कुछ चुनौतियाँ बनी हुई हैं:
- कुछ गांवों में सड़क और बिजली की सुविधा अभी भी अधूरी है।
- स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति में और सुधार की आवश्यकता है।
- युवा वर्ग के लिए रोजगार और प्रशिक्षण की योजनाएं आगे की ज़रूरत हैं।
डॉ. पंडाग्रे ने इन सभी विषयों पर काम करने का भरोसा जताया है।
डॉ. योगेश पंडाग्रे एक ऐसे जनप्रतिनिधि हैं, जो व्यवसाय से डॉक्टर, और दिल से जनसेवक हैं।
उनकी दोनों बार की जीत इस बात का संकेत है कि आमला की जनता को उन पर भरोसा है।
स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा और पेयजल से लेकर सड़क तक, उनके कार्यकाल में कई सकारात्मक बदलाव दिखे हैं।
आने वाले वर्षों में जनता को उनसे और भी बड़े विकास कार्यों, पारदर्शिता और जवाबदेही की उम्मीद है — और अब ज़िम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी है।
