कामना कासोटिया भोपाल:
जनसंपर्क, सादगी और सेवा ने बनाई देशमुख की जनप्रिय छवि
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की मुलताई विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री चंद्रशेखर देशमुख एक ऐसे जनप्रतिनिधि हैं, जिन्होंने जमीनी स्तर से अपनी पहचान बनाकर प्रदेश की राजनीति में स्थायी स्थान हासिल किया है। उनका राजनीतिक सफर पंचायत से विधानसभा तक फैला है और इसमें जनता के लिए सेवा, संघर्ष और विकास की स्पष्ट झलक मिलती है।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
श्री चंद्रशेखर देशमुख का जन्म 9 फरवरी 1956 को नागपुर में हुआ। उनके पिता का नाम श्री जानराव देशमुख है। प्रारंभ से ही वे सामाजिक सरोकारों में रुचि रखते थे। उन्होंने स्नातक (B.A.) की शिक्षा प्राप्त की। उनका मुख्य व्यवसाय कृषि है और आज भी वे खेती से जुड़े हुए हैं। वे विवाहित हैं, पत्नी श्रीमती सुहासिनी देशमुख हैं, और उनके दो संतानें हैं — एक पुत्र और एक पुत्री।
उनका स्थायी निवास ग्राम परसोडी, पोस्ट आष्टा, तहसील मुलताई, जिला बैतूल में है।
राजनीतिक यात्रा
देशमुख जी की राजनीतिक यात्रा 1990 में शुरू हुई जब वे अपने गांव के सरपंच बने। लगातार दो कार्यकाल (1990 से 1998 तक) उन्होंने यह जिम्मेदारी निभाई। इसके बाद वे सहकारी समिति में बैंक प्रतिनिधि, भाजपा मंडल महामंत्री, सरपंच संघ के अध्यक्ष, भाजपा जिला कार्यकारिणी के सदस्य और तिलहन संघ के प्रतिनिधि जैसे पदों पर सक्रिय रहे।
उनकी लोकप्रियता और संगठन क्षमता के कारण उन्हें 1998 में ग्यारहवीं विधानसभा का सदस्य चुना गया। इसके बाद वे 2004 से 2009 तक जिला पंचायत उपाध्यक्ष भी रहे। फिर 2013 में 14वीं विधानसभा के लिए चुने गए।
और 2023 में जनता ने उन्हें एक बार फिर बहुमत से विधानसभा भेजा — यह उनकी तीसरी जीत थी।
2023 चुनाव में ऐतिहासिक जीत
वर्ष 2023 के मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में चंद्रशेखर देशमुख ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री सुखदेव पांसे को कड़े मुकाबले में 14,842 मतों से हराया।
- देशमुख को मिले वोट: 96,066
- सुखदेव पांसे को मिले वोट: 81,224
- वोट प्रतिशत: लगभग 51.38%
यह जीत न सिर्फ भाजपा की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि श्री देशमुख पर जनता के अटूट विश्वास का प्रमाण भी है।
विधायक के रूप में विकास कार्य
श्री देशमुख का मानना है कि राजनीति का असली उद्देश्य जनसेवा और विकास होना चाहिए। उन्होंने अपने कार्यकाल में मुलताई क्षेत्र में अनेक विकास कार्य करवाए हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं:
1. सड़क और संपर्क मार्ग
ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों से जोड़ने के लिए अनेक पक्की सड़कें और पुलिया निर्माण कराए गए। इससे आवागमन आसान हुआ और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिला।
2. सिंचाई एवं जल परियोजनाएँ
कृषि प्रधान क्षेत्र होने के कारण किसानों के लिए सिंचाई योजनाओं, बांध निर्माण और माइक्रो लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट शुरू किए गए। इससे हजारों किसानों को सीधा लाभ मिला।
3. स्वास्थ्य और शिक्षा
सरकारी अस्पतालों और विद्यालयों का निर्माण व उन्नयन किया गया। कुछ क्षेत्रों में आयुर्वेदिक चिकित्सा केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और मध्य विद्यालय खोले गए हैं।
4. धार्मिक और सांस्कृतिक विकास
हाल ही में उन्होंने सालबर्डी स्थित शिवधाम में ₹24 लाख की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा की। यह भवन श्रद्धालुओं व ग्रामीणों के लिए सुविधा केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
जनता से जुड़ाव
देशमुख जी का सबसे बड़ा गुण यह है कि वे आम जनता से सीधे जुड़े रहते हैं। वे अक्सर गांवों का दौरा करते हैं, चौपाल में बैठते हैं और लोगों की छोटी-बड़ी समस्याओं को गंभीरता से लेते हैं। उनके दरवाजे हमेशा आम नागरिकों के लिए खुले रहते हैं — चाहे वह किसान हो, महिला हो या युवा।
चंद्रशेखर देशमुख एक अनुभवी, संघर्षशील और जनप्रिय नेता हैं, जिनका राजनीतिक जीवन पारदर्शिता, मेहनत और ईमानदारी से भरा है। उन्होंने न सिर्फ भाजपा संगठन में, बल्कि क्षेत्र की जनता के बीच भी एक मजबूत पहचान बनाई है।
मुलताई विधानसभा क्षेत्र की जनता ने उन्हें तीसरी बार चुनकर यह दिखा दिया कि वे एक ऐसे नेता को पसंद करते हैं जो सिर्फ वादे नहीं करता, बल्कि जमीन पर काम भी करता है। अब आगे देखना होगा कि वे अपने अगले कार्यकाल में किस प्रकार से क्षेत्र को विकास की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाते हैं।
