रिया सिन्हा: मलक्का जलडमरू मध्य दुनिया की सबसे व्यस्त समुद्री राहों में से एक है, जहां से अंतरराष्ट्रीय व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऊर्जा संसाधनों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए यह क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी कारण भारत हमेशा से इस क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने पर जोर देता आया है।
सिंगापुर का समर्थन
हाल ही में सिंगापुर ने भारत के साथ मिलकर मलक्का जलडमरूमध्य की पेट्रोलिंग और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने का ऐलान किया है। सिंगापुर ने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा केवल सहयोग से ही संभव है और भारत का योगदान इसमें अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह कदम दोनों देशों के बीच रक्षा और सामरिक साझेदारी को और गहरा करने वाला साबित होगा।
भारत की भूमिका
भारत ने हिंद महासागर क्षेत्र में नौसैनिक ताकत और सुरक्षा साझेदारी को हमेशा प्राथमिकता दी है। मलक्का जलडमरूमध्य में पेट्रोलिंग के जरिए भारत न केवल अपने रणनीतिक हितों की रक्षा करेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा में भी योगदान देगा। इसके अलावा यह कदम चीन की बढ़ती गतिविधियों पर भी संतुलन स्थापित करने के रूप में देखा जा रहा है।
क्षेत्रीय सहयोग की दिशा में कदम
सिंगापुर और भारत का यह संयुक्त प्रयास एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इससे न केवल समुद्री डकैती और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा, बल्कि ऊर्जा और व्यापारिक मार्ग भी अधिक सुरक्षित होंगे।

