Surbhi yadav: कनाडा ने अमेरिका राष्ट्रपति के खिलाफ विज्ञापन चलाया चलाए जिसमें अमेरिका राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के शब्दों को इस्तेमाल किया गया था जिसमें वे टैरिफ को हर एक अमेरिकी के लिए नुकसानदेह बता रहे थे। अमेरिका ने कनाडा पर 35% टैरिफ लगा रखा था। यह विज्ञापन कनाडा के ओंटारियो प्रांत की सरकार ने चलाया था। राष्ट्रपति ट्रंप इसे देखते ही गुस्सा हो गए थे, जिसके बाद अमेरिका और कनाडा का टैरिफ विवाद और बढ़ गया।
विज्ञापन विवाद के बाद कनाडाई PM ने मांगी माफी
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से माफी मांगी है। यह माफी ऐसे विज्ञापन को लेकर है जिसमें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के पुराने भाषण का इस्तेमाल किया गया था। इस विज्ञापन का मैसेज टैरिफ के खिलाफ था। कार्नी ने दक्षिण कोरिया के ग्याजू के पत्रकार से कहा कि ट्रंप इस विज्ञापन से नाराज़ हो गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत तभी शुरू होगी जब वॉशिंगटन तैयार होगा।
ट्रंप का दावा कनाडा ने झूठा विज्ञापन चलाया
दरअसल ट्रंप ने खुलकर कहा कि उन्हें कार्नी पसंद हैं, लेकिन यह कदम गलत था। ट्रंप का दावा है कि रीगन टैरिफ के समर्थन में थे, लेकिन कनाडा ने विज्ञापन में इसे उल्टा दिखा दिया। ट्रंप ने कनाडाई सामान पर 10% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया और अमेरिका-कनाडा के बीच व्यापार बातचीत रोक दी। यह विज्ञापन बेसबॉल वर्ल्ड सीरीज़ के पहले मैच में चलाया गया था जिस पर ट्रंप ने सख्त नाराज़गी जताई।
अमेरिकी टैरिफ के चलते कनाडा के व्यापार में बड़ा असर
अमेरिकी टैरिफ बढ़ने से कनाडा की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले 5 साल में कनाडा की GDP को लगभग 1.2% नुकसान हो सकता है। कनाडा के 75% से ज़्यादा निर्यात अमेरिका में जाता है। रोज़ करीब 3.6 अरब कनाडाई डॉलर का सामान दोनों देशों के बीच ट्रेड होता है। अब ट्रंप और कार्नी दोनों आसियान शिखर सम्मेलन में शामिल होने वाले हैं लेकिन ट्रंप ने साफ किया है कि उनका कार्नी से मुलाकात का कोई इरादा नहीं है।
