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बारिश से ढह गया पुल, सड़कें बनी गड्ढों का जाल – टीकमगढ़ में बदहाल हालत, जनता परेशान


रिपोर्ट: रोहित रजक भोपाल।


मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले में बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खासकर ललितपुर मार्ग पर बना पुराना पुल हाल ही में तेज बारिश के चलते ढह गया। यह पुल टीकमगढ़ को ललितपुर से जोड़ता था और शहर के लिए एक प्रमुख संपर्क मार्ग था। अब यह मार्ग पूरी तरह से बंद हो चुका है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


पुल गिरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ीं:
यह पुल नगर की सबसे पुरानी और व्यस्त सड़कों में से एक का हिस्सा था। इसका निर्माण कई साल पहले किया गया था और 2010 से इसकी हालत खराब बताई जा रही थी।

कई बार प्रस्ताव भेजे गए, मगर निर्माण विभाग और प्रशासन की लापरवाही के चलते मरम्मत नहीं हो पाई। अब तेज बारिश के चलते यह पुल ढह गया, जिससे आसपास के कई मोहल्ले और मार्ग बंद हो गए हैं।


सड़कें बनीं दलदल और गड्ढों में तब्दील:
सिर्फ पुल ही नहीं, टीकमगढ़ शहर की अन्य प्रमुख सड़कें भी गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। कहीं पर बारिश का पानी जमा है तो कहीं पर पूरी सड़क ही बह गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायतों और ज्ञापन के बावजूद अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।


प्रशासन की अनदेखी और खानापूर्ति:
लोगों का आरोप है कि नगर पालिका और निर्माण विभाग केवल मीटिंग करने और मुआयना करने तक सीमित हैं। पिछले कई वर्षों से यही सिलसिला चल रहा है। मीटिंग होती हैं, पर अमल नहीं।

हर साल मानसून आने से पहले स्थिति साफ हो जाती है कि सड़कें और पुल कमजोर हैं, फिर भी समय रहते कार्रवाई नहीं होती।


मुख्य प्रशासनिक विफलता:

ललितपुर मार्ग को जोड़ने वाला पुल पूरी तरह ढह चुका है।

छतरपुर की ओर जाने वाले मार्ग को भी प्रशासन ने बंद कर दिया है।

पानी की निकासी न होने से कॉलोनियों में पानी भर गया है।

पीने के पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।

अधिकारी मौके पर पहुंचे जरूर, लेकिन कोई ठोस कार्य योजना सामने नहीं आई।


जनता में रोष, सड़कों पर आवाजाही ठप:
बारिश के कारण शहर के अंदरूनी क्षेत्रों में जलभराव हो गया है। बाजार, स्कूल, ऑफिस, अस्पताल जाने वाले लोग परेशान हैं।

कई जगह जानवर तक फंसे दिख रहे हैं, जैसे कि इस खबर के साथ छपी तस्वीर में एक गाय पुल के मलबे के पास खड़ी दिखाई दे रही है। स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों का कहना है कि खराब सड़कों के कारण उनका व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।


लोगों की मांग – ठोस कार्रवाई हो:
अब जनता खुलकर मांग कर रही है कि:

पुल का तत्काल पुनर्निर्माण किया जाए

सभी जर्जर सड़कों की मरम्मत की जाए

बारिश से पहले सड़क और नालों की नियमित सफाई की जाए

जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो


संभावित खतरा – बड़ी दुर्घटना:
यदि समय रहते सड़कें और पुल दुरुस्त नहीं किए गए, तो भारी बारिश में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। स्कूली बच्चों, मरीजों और दुपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ते बेहद खतरनाक बन चुके हैं।



टिकमगढ़ जिले की स्थिति चिंताजनक है। प्रशासन, निर्माण एजेंसियां और जिम्मेदार विभाग केवल कागज़ी कार्यवाही में व्यस्त दिख रहे हैं। जबकि ज़मीन पर हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं।

यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता को इसका गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। अब वक्त आ गया है कि अधिकारियों को जवाबदेह बनाया जाए और इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाया जाए।

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