रिया सिन्हा
जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (Patna Airport) पर यात्रियों के लिए एक अनूठा और सुखद अनुभव शुरू किया गया है। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों के स्वागत के लिए भारतीय संस्कृति और परंपरा का खूबसूरत मिश्रण प्रस्तुत किया है। अब पटना आने वाले यात्रियों का स्वागत माथे पर तिलक लगाकर और लोकनृत्य के साथ किया जा रहा है। यह पहल न केवल यात्रियों को आकर्षित कर रही है, बल्कि उन्हें बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित करा रही है।
पारंपरिक स्वागत से मंत्रमुग्ध हुए यात्री
एयरपोर्ट पर उतरते ही यात्रीगण पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं को देखते हैं जो माथे पर तिलक लगाती हैं और फूलों की माला पहनाकर उनका स्वागत करती हैं। इसके बाद, कलाकार विभिन्न प्रकार के लोकनृत्य जैसे कि ‘झिझिया’, ‘लौंडा नाच’ और ‘डोमकच’ का प्रदर्शन करते हैं। इन नृत्यों के जीवंत और ऊर्जावान प्रदर्शन ने कई यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
एक यात्री ने इस अनुभव को ‘अविश्वसनीय’ बताया और कहा, “यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि एयरपोर्ट पर हमारी संस्कृति को इतनी खूबसूरती से दर्शाया जा रहा है। तिलक और लोकनृत्य ने हमारी यात्रा को और भी यादगार बना दिया।”
कलाकारों को मिला मंच
यह पहल न केवल यात्रियों को सुखद अनुभव प्रदान कर रही है, बल्कि स्थानीय कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने का एक मंच भी दे रही है। इन कलाकारों को एयरपोर्ट पर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे उन्हें अपनी कला को जीवित रखने और उससे आजीविका कमाने में मदद मिल रही है।
एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि इस तरह की पहल का उद्देश्य यात्रियों को एक अविस्मरणीय अनुभव देना और बिहार की कला और संस्कृति को बढ़ावा देना है। यह स्वागत समारोह नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा।

