Justice Suryakant to be appointed as the 53rd CJI of India

रिया सिन्हा

जस्टिस सूर्यकांत सोमवार को भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। वह निवर्तमान चीफ जस्टिस बी. आर. गवई का स्थान लेंगे, जो रविवार शाम सेवानिवृत्त हुए। जस्टिस सूर्यकांत का कार्यकाल लगभग 15 माह का होगा और वह 9 फरवरी, 2027 को सेवानिवृत्त होंगे। न्यायपालिका में उनका अब तक का सफर महत्वपूर्ण फैसलों से भरा रहा है। उनकी नियुक्ति न्याय के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगी।


ऐतिहासिक फैसलों में जस्टिस सूर्यकांत की भूमिका

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में जस्टिस सूर्यकांत ने कई ऐतिहासिक और संवैधानिक मामलों में अहम भूमिका निभाई है। वह उस पीठ का हिस्सा थे जिसने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के केंद्र सरकार के फैसले को बरकरार रखा। इसके अलावा, उन्होंने औपनिवेशिक काल के राजद्रोह कानून (धारा 124ए) पर नई FIR दर्ज करने पर प्रभावी रूप से रोक लगाने का भी आदेश दिया। पेगासस जासूसी मामले की जांच के लिए समिति गठित करने वाली पीठ में भी वह शामिल थे। इन फैसलों ने उनके मजबूत न्यायिक दृष्टिकोण को दर्शाया है।

शपथ ग्रहण समारोह में अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी

जस्टिस सूर्यकांत का शपथ ग्रहण समारोह इस बार ऐतिहासिक होने वाला है। पहली बार इस समारोह में छह देशों के मुख्य न्यायाधीशों और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों सहित एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा। इनमें भूटान, केन्या, मलेशिया, मॉरीशस, नेपाल और श्रीलंका के न्यायिक प्रमुख शामिल हैं। यह भव्य भागीदारी भारत की न्यायपालिका के बढ़ते वैश्विक सम्मान और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को दर्शाती है।

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