Baljinder Kaur: भारत में किसानों को सशक्त बनाने और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना एक बेहद महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को साल में तीन किस्तों के रूप में सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता दी जाती है। इस साल सरकार ने लगातार 19वीं, 20वीं और 21वीं किस्त जारी की, जिससे करोड़ों किसानों को राहत मिली है।
पीएम किसान योजना क्या है?
पीएम किसान योजना 2019 में शुरू की गई थी जिसका उद्देश्य खेती करने वाले किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
इस योजना के तहत हर किसान को साल में 6,000 रुपये की सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। यह राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए किसानों के बैंक खाते में पहुंचती है।
तीन किस्तों की सौगात – किसानों में खुशी की लहर
इस साल सरकार ने समय पर 19वीं, 20वीं और 21वीं किस्त जारी की।
19वीं किस्त का लाभ 9.8 करोड़ से अधिक पात्र किसानों को 24 फरवरी 2025 को दिया गया।
अगस्त 2025 को लगभग 9.7 करोड़ से अधिक पात्र किसानों को 20वीं किस्त का लाभ दिया गया।
19 नवंबर 2025 को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21वीं किस्त को पात्र किसानों के बैंक खाते में हस्तांतरित किया।
इन किस्तों से किसानों को निम्न क्षेत्रों में विशेष लाभ मिला
बीज और खाद खरीदने में आसानी
फसल की तैयारी में आर्थिक सहायता
कृषि उपकरणों की खरीद में मदद
आकस्मिक खर्चों से राहत
किसानों ने बताया कि समय पर पैसा मिलने से खेती के लिए जरूरी सामान लेने में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।
कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
पीएम किसान योजना का लाभ लेने के लिए किसान को—
भारत का नागरिक होना चाहिए
उसके पास खेती योग्य जमीन होनी चाहिए
भूमि रिकॉर्ड सही और अपडेट होना चाहिए
इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों, आयकरदाता और उच्च आय वर्ग के लोग इसके पात्र नहीं हैं।
किस्त की स्थिति कैसे चेक करें?
किसान आसानी से मोबाइल या कंप्यूटर की मदद से अपनी किस्त की स्थिति देख सकते हैं।
आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
“किसान कॉर्नर” में Beneficiary Status पर क्लिक करें
अपना आधार नंबर या मोबाइल नंबर डालकर किस्त की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
पीएम किसान योजना ने देश के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है। 19वीं, 20वीं और 21वीं किस्त के समय पर भुगतान से किसानों की खेती संबंधी जरूरतें पूरी हुईं और उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। इस योजना ने साबित कर दिया है कि सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। वहीं अब किसानों को आने वाले साल 2026 से भी काफी उम्मीदें हैं। जैसे कि 22वीं, 23वीं और 24वीं किस्त का लाभ साल 2026 में मिलेगा। आने वाले समय में यह योजना किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने में और बड़ी भूमिका निभाएगी।
