Toshi Gupta: भारत का आंध्र प्रदेश अपने धार्मिक स्थल, सुंदरता, और कला के लिए मशहूर प्रदेश माना जाता हैं। आंध्र प्रदेश सुंदरता, और कला के लिए ही नहीं बल्कि लाल मिर्च के लिए भी मशहूर हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं, आंध्र प्रदेश के गंटूर शहर की। यहां एशिया की पहली और सबसे बड़ी मिर्च मंडी मोजुद हैं।
आपको बता दें, गंटूर शहर की यह मंडी एशिया की सबसे बड़ी लाल मिर्च (ड्राय रेड चिली) मंडी मानी जाती है। इस मंडी को ‘गुंटूर मिर्ची यार्ड’ के नाम से भी जाना जाता हैं। गंटूर शहिर में पैदा होने वाली मिर्च अपने आप में ही अद्भुत हैं। यहां की मिर्च का रंग खुन जैसा लाल होता हैं। गंटूर की मिर्च जितनी लाल होने के साथ साथ बेहद तीखी भी होती हैं। इस मंडी रोजाना 5 मिलियन किलोग्राम मिर्च पैदा होती हैं। हर साल गुंटूर मिर्ची यार्ड से करीब 1.5 लाख मिर्ची दूसरे देशों में भेजी जाती हैं। लगभग 20 से ज्यदा देशों में एक्सपोर्ट होती हैं। जिनमें चीन, बांग्लादेश, श्रीलंका, अमेरिका जैसे देश शामिल हैं।
गंटूर में कितने प्रकार की मिर्च यहां पैदा होती हैं ?
गंटूर के मिर्ची यार्ड में कई प्रकार की मिर्च को उगाया जाता हैं। लेकिन खासतोर पर गुंटूर सन्नम नामक मिर्च का उत्पाद किया जाता हैं। गुंटूर सन्नम मिर्च सुर्ख लाल, मोटी और तीखी होती हैं। इस मिर्च को S4 मिर्च के नाम से जानी जाती हैं। गुंटूर में दुसरे प्रकार की मिर्च भी उगाई जाती हैं, जैसे फटकी, इंडो-5, अंकुर, रोशनी, बेदकी, और मधुबाला।
सालाना कितनी बिक्री होती हैं ?
इस लाल मिर्च के बाजार में रोजाना 5 मिलियन किलोग्राम मिर्च का व्यापार होता हैं। जिसकी मदद से 10,000 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। यदि मिर्च मीडियम ग्रेड की हैं, तो उसकी कीमत 10,000 रुपये प्रति क्विंटल हैं। वहीं अगर मिर्च डीलक्स ग्रेड की हैं, तो उसकी कीमत 14,000 रुपये प्रति क्विंटल हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि, भारत सरकार इस मिर्च भंडार से 100 करोड़ का रेवेनुए कलेक्ट करती हैं।
