रिया सिन्हा
बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने हाल ही में अपने 8 घंटे की शिफ्ट की मांग को लेकर उठे विवाद और फ़िल्मों से बाहर होने की खबरों पर आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने इंडियन फिल्म इंडस्ट्री के ‘दोगलेपन’ पर सीधे सवाल उठाए हैं। दीपिका ने कहा कि अगर एक महिला होने के नाते काम के घंटे तय करने की मांग ‘दबाव डालने जैसा’ लगती है, तो ऐसा ही सही, लेकिन यह कोई रहस्य नहीं है कि कई पुरुष सुपरस्टार सालों से 8 घंटे काम कर रहे हैं और यह कभी खबर नहीं बना।
“सालों से 8 घंटे काम कर रहे हैं मेल सुपरस्टार”
सीएनबीसी टीवी18 को दिए एक इंटरव्यू में दीपिका ने कहा, “मैं अभी नाम नहीं लेना चाहती और इसे बड़ा नहीं बनाना चाहती, लेकिन यह बात बहुत आम है, सार्वजनिक रूप से सभी को पता है कि कई मेल एक्टर्स सालों से हर दिन 8 घंटे काम करते आ रहे हैं। उनमें से बहुत से तो सोमवार से शुक्रवार तक ही 8 घंटे काम करते हैं, वीकेंड पर भी काम नहीं करते।”
“मैं हमेशा अपनी लड़ाइयां चुपचाप लड़ती हूं”
दीपिका ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि वह हमेशा अपनी लड़ाइयां गरिमा के साथ लड़ती रही हैं। उन्होंने कहा, “मैंने ये कई लेवल्स पर किया है। मेरे लिए यह नई बात नहीं है। मुझे लगता है कि पेमेंट जैसी चीज़ों के मामले में भी मुझे जो कुछ भी मिला, उससे निपटना पड़ा। मैं हमेशा अपनी लड़ाइयां चुपचाप लड़ती हूं। लेकिन हां, अपनी लड़ाइयां लड़ना और इसे चुपचाप और गरिमा के साथ करना ही मेरा तरीका है।”
गौरतलब है कि दीपिका के 8 घंटे शिफ्ट की मांग को कथित तौर पर न मानने के कारण उन्हें संदीप वांगा रेड्डी की ‘स्पिरिट’ और प्रभास की फ़िल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ के सीक्वल से बाहर कर दिया गया था।
