Ranu yadav: ओडिशा के बालासोर एफएम कॉलेज में एक छात्रा ने HOD से परेशान होकर आत्मदाह की कोशिश की थी, जिसमें वह लगभग 95% तक जल गई थी। इसके बाद से अस्पताल में उसका इलाज हो रहा था। इलाज के दौरान आत्मदाह करने वाली छात्रा की एम्स भुवनेश्वर में मौत हो गई है। इस मामले में 30 जून को पुलिस में शिकायत हुई थी और इसके बाद 12 दिन बाद आरोपी अरेस्ट हुआ, इस दौरान एम्स भुवनेश्वर में गुर्दे की रिप्लेसमेंट थेरेपी सहित कई कोशिश छात्रा को बचाने के लिए की, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
प्रोफेसर पर लगाया था यौन उत्पीड़न का आरोप!
ओडिशा के बालासोर के फकीर मोहन कॉलेज की एक छात्रा ने शुक्रवार को कॉलेज के गेट पर खुद को जलाने का प्रयास किया था।छात्रा के साथ विभागाध्यक्ष द्वारा उत्पीड़न सहन नहीं कर पाने के कारण उसने यह क़दम उठाया। उसने अपने शरीर पर पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली, बताया जा रहा है कि इंटीग्रेटेड बी.एड. द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। छात्रा ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर द्वारा यौन उत्पीड़न करने के मामले में उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
कांग्रेस और बीजेडी ने किया प्रदर्शन!
वहीं छात्रा की मौत के बाद राजनीति माहौल भी गर्म नजर आया। कांग्रेस और बीजेडी ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कार्यकर्ताओं ने एम्स के बाहर इस मामले को लेकर प्रदर्शन किया।
वहीं ओडिशा उच्च शिक्षा विभाग ने एफएम कॉलेज के प्रिंसिपल दिलीप कुमार घोष और सहायक प्रोफेसर समीर साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। और इस मामले में पुलिस ने एक्शन लेते हुए कॉलेज के प्रिंसिपल और सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी पीड़िता और उनके परिवार से एम्स में पहुंचकर मुलाकात की और परिवार का हौसला बढ़ाया।
