Suvangi Pradhan: भारत की प्रमुख परोपकारी संस्था टाटा ट्रस्ट में हाल ही में उठे अंदरूनी विवादों के बीच ट्रस्टी रहे मेहली मिस्त्री ने अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है…उन्होंने अपने निर्णय का कारण यह बताया कि संस्था को किसी तरह के प्रतिकूल विवाद से बचाना उनका पहला कर्तव्य है…
मेहली को सेवा करने का अवसर रतन टाटा द्वारा प्रदान किया गया था
पत्र में मेहली मिस्त्री ने लिखा है कि उन्हें यह सेवा करने का अवसर रतन टाटा द्वारा व्यक्तिगत रूप से प्रदान किया गया था, जिनके आदर्श, निश्चल परोपकार और नैतिक शासन सार्वजनिक हित के लिए थे… उन्होंने यह भी कहा कि मुझे यह एहसास हुआ है कि मेरी ट्रस्टीशिप को लेकर मीडिया में चल रही अटकलें संस्था के हित में नहीं हैं…मेहली मिस्त्री ने पत्र में यह अभिव्यक्ति भी दी की मेरी प्रतिबद्धता श्री रतन एन टैटा के दृष्टिकोण को निभाना भी है, कि टैटा ट्रस्ट् विवादों में न घिरे… मुझे विश्वास है कि गवर्नेंस, पारदर्शिता एवं सार्वजनिक हित के सिद्धांतों के अनुरूप संस्था आगे कार्य करेगी…मेहली ने यह भी लिखा की किसी संस्था से बड़ी कोई नहीं होती जिसे वह सेवा करती है…
क्यों छोडा मिस्त्री ने अपना पद
मिस्त्री को आगामी पुनर्नियुक्ति के लिए ट्रस्टियों से अनुमोदन नहीं मिला था…ट्रस्ट के अन्य ट्रस्टीज जैसे नोएल टाटा, भेनु श्रिनिभाशन और वीजय शींघ ने मिस्त्री के पुनर्नियुक्ति प्रस्ताव का पक्ष नहीं लिया था, जिससे उनके पद को लेकर अनिश्चितता उत्पन्न हो गई थी… इसके बाद मिस्त्री ने महाराष्ट्र के चैरिटी कमिश्नर के समक्ष सुनवाई की मांग भी की थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपने इस्तीफे के माध्यम से इस द्वंद्व को समाप्त करने का निर्णय लिया…
क्या ट्रस्ट में चल रही शक्ति संतुलन परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ है मिस्त्री का यह फैसला
मिस्त्री ने स्पष्ट किया है कि वे ट्रस्ट से आगे कानूनी विवाद नहीं करना चाहते…उनके इस कदम को ट्रस्ट की प्रतिष्ठा को बचाए रखने तथा अटकलों को खारिज करने वाला संकेत माना जा रहा है…साथ ही इसे ट्रस्ट में चल रही शक्ति संतुलन परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है…टाटा ट्रस्ट्, जो कि टाटा समूह की अधिकांश कंपनियों के शेयर नियंत्रित करती है, इस तरह के इंट्रा ग्रुप विवादों से पहले भी जूझ चुकी है…इस सत्य के आलोक में, मिस्त्री का यह फैसला संस्था की स्थिरता बनाए रखने की दिशा में माना जा रहा है.
