कामना कासोटिया भोपाल:
हरिसिंह सापरे की कहानी : कुरवाई की तीसरी पारी और विकास की चुनौतियाँ
कुरवाई विधानसभा क्षेत्र, भोपाल-विदिशा जिले के पास नहीं है बल्कि यह जिला भिंड-मध्यप्रदेश के क्षेत्राधिकार में आता है। इस क्षेत्र की राजनीति में 2023 का विधानसभा चुनाव बदलाव लेकर आया है, जिसमें भाजपा के हरिसिंह सापरे ने अपनी मजबूत स्थिति को बरकरार रखते हुए तीसरी बार विधायक की कुर्सी पर कब्ज़ा किया है।
चुनावी जीत — कितने वोट से, किसे हराया
- 2023 के मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में कुरवाई (एससी) विधानसभा सीट से हरिसिंह सापरे (भाजपा) ने 102,343 वोट हासिल किए।
- उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी रानी अहिरवार (कांग्रेस) को लगभग 76,274 वोट मिले।
- इस तरह हरिसिंह सापरे ने 26,069 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
- वोट प्रतिशत की मैदानी तस्वीर यह है कि सापरे को लगभग 55.69% मत मिले, जबकि रानी अहिरवार को लगभग 41.50% वोट मिले।
यह आंकड़ा दिखाता है कि कुरवाई क्षेत्र की जनता ने फिर एक बार उन्हें विश्वास के साथ चुना है।
विकास कार्य और जनकल्याण की पहलें
जहाँ तक सार्वजनिक स्रोत बताते हैं, कुरवाई में हरिसिंह सापरे ने जनहित-के कामों में कुछ काम किए हैं, और कई वादे दिए हैं। निम्नलिखित कुछ विकास-कार्यों की जानकारी है:
- सड़क एवं परिवहन संबंधी कार्य
कई गांवों में सड़क की स्थिति सुधारने के लिए डामरीकरण और सीमेंट कंक्रीट (सीसी) सड़क निर्माण की पहल हुई है। मुख्य-मार्गों एवं पंचायतों को जिले की केंद्र सड़क से बेहतर संपर्क कराने की कोशिश की गई है। - कृषि एवं सिंचाई सेवाएँ
क्योंकि उनका स्वयं का व्यवसाय कृषि है, उन्होंने किसानों की जरूरतों को समझा है। नलकूपों की मरम्मत, पेयजल के लिए अधो-संरचना (पम्प, ट्यूबवेल), और खेतों तक पानी पहुँचाने की योजनाएँ प्रस्तावित एवं कुछ लागू हुई हैं। - स्वास्थ्य एवं शिक्षा
छोटे-छोटे स्वास्थ्य उपकेंद्रों की मरम्मत, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने की कोशिश हुई है। बच्चों के लिए विद्यालयों की स्थिति सुधारने, बुनियादी सुविधाएँ जैसे शौचालय, जल आपूर्ति, बिजली आदि सुनिश्चित करने की पहल की गई है। - ग्राम संपर्क एवं पंचायत स्तर सम्बन्ध
जनता दरबारों, पंचायतों से संवाद, गांव-गांव में दौरे और जनता की शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करने का वादा किया गया है। - अन्य सार्वजनिक सुलभताएँ
बिजली आपूर्ति सुधारने की कोशिश, सार्वजनिक पानी टंकी-पाइपलाइन कार्य, और स्थानीय बाजार तथा मंडियों में व्यवस्था बेहतर करने की पहल हुई है।
चुनौतियाँ और भविष्य की राह
- कुरवाई जैसे ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्र में अभी भी कुछ गाँव हैं जहाँ सड़कें पूरी तरह पक्की नहीं हैं। बाढ़-बरसात में सड़क टूटने की समस्याएँ बनी रहती हैं। इसे सुधारने की ज़रूरत है।
- किसान अपेक्षा करते हैं कि सिंचाई योजनाएँ समय पर पूरी हों, पानी की कमी और लागतों में बढ़ोतरी को नियंत्रित किया जाए।
- स्वास्थ्य सेवाओं में मान-उपकरण, डॉक्टरों की कमी या समय-समय पर आने-जाने की सुविधा, दवाओं की उपलब्धता इन विषयों पर काम होना चाहिए।
- शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षक-पालन, विद्यालय इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे भवन, पुस्तकालय, खेल-कुद की जगह आदि पर ध्यान देना होगा।
हरिसिंह सापरे की 2023 की जीत सिर्फ एक राजनीतिक सफलता नहीं है, बल्कि कुरवाई की जनता ने एक नेता को यह जिम्मेदारी दी है कि उनके जीवन में बदलाव हो। 26,069 वोटों के अंतर से मिली बड़ी जीत इस बात की पुष्टि है कि जनता ने सापरे से भरोसा जताया है।
अब अपेक्षा है कि विकास के वादे धरातल पर दिखें — सड़कें, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, किसानों की मदद जैसे क्षेत्रों में वास्तविक सुधार हो। यदि ये काम समय-बद्ध तरीके से हों, तो कुरवाई क्षेत्र की ज़िंदगी में बदलाव दिखेगा — न कि सिर्फ चुनावी बैनर पर, बल्कि हर घर में।
