रानू यादव: पटना हाई कोर्ट ने कांग्रेस पार्टी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां हीराबेन मोदी से जुड़ा एक AI-जनरेटेड वीडियो सोशल मीडिया से हटाने का आदेश दिया है। अदालत ने कांग्रेस को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से यह वीडियो तुरंत हटाने का निर्देश दिया है।

वीडियो में क्या था?
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब बिहार कांग्रेस ने इस वीडियो को अपने ‘X’ हैंडल पर पोस्ट किया था। इस वीडियो में AI का इस्तेमाल करके दिखाया गया था कि पीएम मोदी अपनी मां से बात कर रहे हैं और उनकी मां राजनीति को लेकर उनकी आलोचना कर रही हैं।

इस वीडियो को लेकर बीजेपी और उसके सहयोगी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई थी, और इसे प्रधानमंत्री और उनकी मां का अपमान बताया था। वहीं, कांग्रेस ने कहा था कि उनका इरादा किसी का अनादर करने का नहीं था। इस मामले में पटना हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह आदेश जारी किया। कोर्ट ने इस मामले में राहुल गांधी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी नोटिस जारी किया है।

बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया!
PM मोदी की मां के AI वीडियो को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी ने इस वीडियो को प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां का अपमान बताया है और कांग्रेस पर “घिनौनी राजनीति” करने का आरोप लगाया है।
बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि यह वीडियो राहुल गांधी के निर्देश पर बनाया गया है। उन्होंने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि यह पार्टी की “दयनीय राजनीति” की पराकाष्ठा है। वहीं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता द्वारा बार-बार खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस “विकृत मानसिकता” के साथ हर दिन नई गिरावट के रिकॉर्ड बना रही है। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस को “गाली वाली कांग्रेस” बताया और कहा कि भारत अपनी मां का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा।बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह शर्मनाक है कि कांग्रेस इस स्तर तक गिर गई है। उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से इस तरह के कृत्य पर जवाब देने की मांग की है।

प्रौद्योगिकी के दुरुपयोग पर पीएम को पत्र!
पद्मश्री मथुरभाई सवानी ने प्रधानमंत्री मोदी और उनकी मां से जुड़े एआई वीडियो पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्हें एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने इस तरह की तकनीक के दुरुपयोग पर आपत्ति जताई और इसे नियंत्रित करने के लिए कड़े नियम-कानून बनाने की मांग की।इस तरह के वीडियो में जिस तरह के संवाद का इस्तेमाल किया गया है, वह भारतीय संस्कृति और मूल्यों के खिलाफ है।उन्होंने कहा कि “हम लोग इस वीडियो में दिखाए गए संवाद से पीड़ित हैं,” क्योंकि यह हमारे देश में माता-पिता और बच्चों के बीच के सम्मानजनक रिश्ते को गलत तरीके से दिखाता है। सवानी ने इस बात पर जोर दिया कि एआई जैसी शक्तिशाली तकनीक का उपयोग समाज में गलत संदेश फैलाने और आपसी सम्मान को ठेस पहुँचाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि भविष्य में ऐसे आपत्तिजनक कंटेंट को रोकने के लिए सख्त नियम बनाए जाएँ, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पत्र लिखने का उनका उद्देश्य केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक मूल्यों की रक्षा करना है।

पीएम मोदी और उनकी मां को लेकर पहले भी हुआ था विवाद!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां हीराबेन मोदी को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। कुछ महीने पहले, बिहार में ‘इंडिया’ गठबंधन की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान, दरभंगा में आयोजित एक कार्यक्रम में पीएम मोदी और उनकी मां के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था। इस घटना के बाद, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पर जमकर निशाना साधा था।

पीएम मोदी की प्रतिक्रिया!
इस घटना पर प्रधानमंत्री मोदी ने खुद भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कांग्रेस और आरजेडी की आलोचना करते हुए कहा था कि मेरी मां अब इस दुनिया में नहीं हैं।उनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था, फिर भी कांग्रेस-आरजेडी के मंच से उन्हें घिनौनी गालियां दी गईं।उन्होंने इस घटना को “बेहद दुखद, दर्दनाक और व्यथित करने वाली” बताया।

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