रिया सिन्हा: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, उत्तर कोरिया के किम जोंग उन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया मुलाकात ने वैश्विक राजनीति में नई हलचल मचा दी है। तीनों नेताओं के एक साथ आने को अमेरिका ने गंभीरता से लिया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस गठजोड़ पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन को सीधे तौर पर चेतावनी दी है।
ट्रंप का सख्त बयान
ट्रंप ने कहा कि चीन अगर रूस और उत्तर कोरिया के साथ मिलकर अमेरिका के खिलाफ कोई रणनीति बनाता है तो उसे कड़ा जवाब मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि उनकी नीतियां हमेशा चीन को नियंत्रित करने में कारगर रही हैं और वे दोबारा सत्ता में आते हैं तो बीजिंग को “कभी न भूलने वाला सबक” सिखाएँगे।
आर्थिक और सैन्य दबाव की बात
अपने बयान में ट्रंप ने जोर दिया कि चीन पर आर्थिक दबाव बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को चीनी आयात पर और कड़े टैरिफ लगाने चाहिए और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सैन्य उपस्थिति को मजबूत करना चाहिए। ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि रूस और उत्तर कोरिया के साथ चीन की निकटता अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए चुनौती बन सकती है।
वैश्विक राजनीति में तनाव की संभावना
विशेषज्ञों का मानना है कि जिनपिंग, किम और पुतिन की साझेदारी एशिया और यूरोप में नई शक्ति संतुलन की कोशिश है। वहीं, ट्रंप का कड़ा जवाब इस बात की ओर संकेत करता है कि आने वाले दिनों में अमेरिका-चीन टकराव और बढ़ सकता है। इस बयान के बाद वैश्विक राजनीति में तनाव और गहराने की आशंका जताई जा रही है।

