अकांक्षा सिंह, भोपाल: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अभी वक्त है, लेकिन सियासी तैयारियों की रफ्तार बढ़ने लगी है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में कई ऐसी घोषणाएं कीं, जिनका सीधा संबंध महिलाओं, सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं से है। महिलाओं को हर साल ₹40 हजार देने, स्वरोजगार के लिए ₹2 लाख तक की मदद और सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने के वादे ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है।
महिलाओं के लिए ₹40 हजार का वादा
महिलाओं को सालाना ₹40 हजार देने का ऐलान अखिलेश यादव पहले भी कर चुके हैं। अगस्त में भी उन्होंने महिलाओं को इतनी ही राशि देने और समाजवादी पेंशन योजना को दोबारा शुरू करने की बात कही थी। अब इस वादे को फिर चुनावी एजेंडे में प्रमुखता दी गई है। हालांकि, अभी इसके लाभार्थियों की पात्रता, भुगतान की प्रक्रिया और वित्तीय ढांचा सामने नहीं आया है। इसलिए फिलहाल इसे चुनावी वादे के तौर पर ही देखना उचित होगा।
₹2 लाख की मदद, लेकिन तस्वीर साफ नहीं
अखिलेश यादव ने महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए ₹2 लाख तक की मदद देने की बात कही। अलग-अलग रिपोर्टों में इस रकम को कहीं लोन और कहीं आर्थिक सहायता बताया गया है। ऐसे में इसे सीधे मुफ्त रकम कहना जल्दबाजी होगी। योजना का स्वरूप, पात्रता और भुगतान की शर्तें विस्तृत नीति सामने आने के बाद ही स्पष्ट होंगी।
पुरानी पेंशन पर फिर दांव
सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का वादा भी घोषणा का अहम हिस्सा रहा। अखिलेश यादव ने कहा कि सत्ता में आने पर सपा इसे लागू करेगी और घोषणा-पत्र में शामिल करेगी।पुरानी पेंशन लंबे समय से सरकारी कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में रही है। अब यह मुद्दा एक बार फिर यूपी की चुनावी बहस में लौटता दिख रहा है।
शिक्षकों पर भी फोकस
घोषणाओं में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई वर्गों को भी जगह मिली। वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय, शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, शिक्षामित्रों, मदरसा और संस्कृत शिक्षकों के मुद्दों पर काम करने की बात कही गई। अनुदेशकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों को भी घोषणा-पत्र में शामिल करने का संकेत दिया गया है।
युवाओं के लिए भर्ती कैलेंडर
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सरकारी भर्तियों का नियमित कैलेंडर जारी करने का वादा भी किया गया। सपा ने रोजगार से जुड़े मुद्दे को अपने संभावित चुनावी एजेंडे में जगह देने का संकेत दिया है।
वादों के पीछे 2027 का एजेंडा
महिलाओं की आर्थिक मदद से लेकर कर्मचारियों की पेंशन और युवाओं के रोजगार तक, अखिलेश यादव की घोषणाओं का दायरा कई वर्गों तक फैला है। इन ऐलानों से सपा के संभावित चुनावी एजेंडे की दिशा जरूर दिखाई देती है।
हालांकि, अभी अंतिम घोषणा-पत्र और इन योजनाओं का विस्तृत वित्तीय खाका सामने आना बाकी है। ऐसे में आगे की राजनीति सिर्फ घोषणाओं पर नहीं, बल्कि उनके बजट और क्रियान्वयन की योजना पर भी टिकी होगी।
