पलक राजपूत, दिल्ली में एक बार फिर रसोई गैस के दाम बढ़ गए हैं, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ने वाला है। सरकारी तेल कंपनियों को एलपीजी पर हो रहे घाटे ने भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो अब 62,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है।
जानकारी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। लेकिन घरेलू बाजार में लंबे समय से कीमतें नहीं बढ़ाई गई थीं, जिसके कारण IOC, BPCL और HPCL जैसी सरकारी कंपनियों को हर सिलेंडर पर 200 से 250 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
तेल कंपनियों का कहना है कि अगर कीमतें नहीं बढ़ाई गईं तो उनका घाटा और बढ़ सकता है। इसी को देखते हुए कंपनियों ने हाल ही में 14.2 किलो वाले घरेलू और 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी की है।
वहीं, सरकार इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार जल्द ही तेल कंपनियों को इस घाटे की भरपाई के लिए 35 से 40 हजार करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज दे सकती है। हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।एलपीजी के दाम बढ़ने से मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों का मासिक बजट बिगड़ना तय है

रसोई गैस के बढ़ते दामों से आम आदमी के किचन का बजट बिगड़ा, परिवार चिंतित।
