Ganga Aarti resonates on the banks of the Thames in London; message of environmental conservation conveyed alongside tradition.

अरूणिमा सिंह भोपाल : लंदन: भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की झलक अब लंदन की टेम्स नदी के किनारे भी देखने को मिली। ‘टोटली टेम्स’ उत्सव के तहत पहली बार टेम्स नदी के किनारे गंगा आरती का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ब्रिटिश हिंदू और दक्षिण एशियाई समुदाय के लोगों के साथ अलग-अलग पृष्ठभूमि से जुड़े लोग भी शामिल हुए।

इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि आरती की परंपरा निभाते हुए भी टेम्स नदी की स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा गया। आरती से जुड़ी किसी भी सामग्री को नदी में नहीं डाला गया और न ही कोई वस्तु पानी में बहाई गई। पारंपरिक दीपों को नदी में प्रवाहित करने के बजाय नदी के किनारे ही रखा गया।आयोजकों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य भारतीय परंपरा और प्रकृति के प्रति सम्मान को एक साथ जोड़ना था। कार्यक्रम के जरिए लोगों को यह संदेश देने की कोशिश की गई कि धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को निभाते हुए पर्यावरण की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभाई जा सकती है।

पहली गंगा आरती को मिला लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स

टेम्स के किनारे आयोजित इस पहली गंगा आरती को लोगों का अच्छा समर्थन मिला। कार्यक्रम के सभी टिकट पहले ही बिक गए थे। आयोजन से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में इसे नियमित वार्षिक कार्यक्रम का रूप दिया जा सकता है।इस आयोजन का मकसद सिर्फ आरती तक सीमित नहीं था। इसके जरिए अलग-अलग समुदायों के लोगों को एक साथ लाकर प्रकृति के प्रति आभार और उसके संरक्षण का संदेश देने की कोशिश की गई।

क्या है चिन्मय मिशन?

इस आयोजन से जुड़ा चिन्मय मिशन वर्ष 1951 में स्थापित हुआ था। यह वेदांत के ज्ञान और पूज्य स्वामी चिन्मयानंद की शिक्षाओं से प्रेरित एक वैश्विक आध्यात्मिक आंदोलन है।

चिन्मय मिशन दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में आध्यात्मिक शिक्षा, सांस्कृतिक गतिविधियों, शैक्षणिक संस्थानों और सेवा कार्यों के माध्यम से लोगों से जुड़ता है। मिशन के 350 से अधिक केंद्र बताए जाते हैं। यूके में भी मिशन बच्चों और किशोरों से लेकर युवाओं, परिवारों और बुजुर्गों के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता है।

क्या है ‘टोटली टेम्स’ उत्सव ?

‘टोटली टेम्स’ टेम्स नदी को केंद्र में रखकर आयोजित किया जाने वाला एक उत्सव है, जिसकी शुरुआत 1997 में हुई थी। इसके तहत कला, पर्यावरण, विरासत और शिक्षा से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

इसी उत्सव का हिस्सा बनी गंगा आरती ने भारतीय संस्कृति को लंदन की ऐतिहासिक टेम्स नदी से जोड़ने का काम किया। साथ ही, नदी में किसी भी तरह की सामग्री न डालकर आयोजकों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी सामने रखा।इस तरह टेम्स के किनारे हुई यह आरती केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रही, बल्कि भारतीय परंपरा, सांस्कृतिक जुड़ाव और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देने वाली पहल के रूप में भी सामने आई।

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