भोपाल में पहली बार ‘आज के दधीचियों’ का सम्मान, अंगदान के संकल्प को मिलेगा सम्मानगणेश उत्सव और दधीचि जयंती के अवसर पर किरण फाउंडेशन आयोजित करेगा ‘रहे न रहे हम 2.0’ समारोह

गणेश उत्सव और दधीचि जयंती के अवसर पर किरण फाउंडेशन आयोजित करेगा ‘रहे न रहे हम 2.0’ समारोह

माही श्रीवास्तव, भोपाल। अंगदान को मानवता के सबसे बड़े उपहार के रूप में सम्मान देने और समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किरण फाउंडेशन द्वारा 19 सितंबर, 2026, को भोपाल में विशेष अंगदान जागरूकता एवं सम्मान समारोह ‘रहे न रहे हम 2.0’ का आयोजन किया जा रहा है।

गणेश उत्सव एवं महर्षि दधीचि जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में उन लोगों और परिवारों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने अंगदान और देहदान के माध्यम से मानवता के लिए अनुकरणीय योगदान दिया है।

‘आज के दधीचि’ होंगे सम्मानित

महर्षि दधीचि के महान त्याग को स्मरण करते हुए कार्यक्रम में अंगदाता परिवारों को ‘आज के दधीचि सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, अंगदान के माध्यम से लोगों को नया जीवन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले चिकित्सकों को ‘देवदूत – जीवन संरक्षक सम्मान’ प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम में अंगदाता परिवारों के साथ-साथ समर्पित चिकित्सकों, सहयोगी संस्थाओं एवं NGOs, सामाजिक कार्यकर्ताओं, समर्थकों तथा अंगदान का संकल्प लेने वाले संकल्पकर्ताओं को भी आमंत्रित कर सम्मानित किया जाएगा।

दधीचि के त्याग से अंगदान तक की प्रेरणा

भारतीय परंपरा में महर्षि दधीचि का त्याग मानवता और परोपकार की एक महान मिसाल माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, महर्षि दधीचि ने देवताओं की सहायता के लिए अपनी अस्थियों का दान किया था। उनके इसी महान त्याग को अंगदान और देहदान के प्रति प्रेरणा के रूप में याद किया जाता है।

वहीं, भगवान गणेश से जुड़ी पौराणिक कथा में उनके हाथी के सिर लगाए जाने का उल्लेख मिलता है। हालांकि इसे आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के ऑर्गन ट्रांसप्लांट के ऐतिहासिक अर्थ में नहीं देखा जाना चाहिए, लेकिन गणेश उत्सव और दधीचि जयंती के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम त्याग, जीवन और मानव सेवा के संदेश को सामने लाने का प्रयास है।

अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल

किरण फाउंडेशन का उद्देश्य इस आयोजन के माध्यम से समाज में अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ाना और लोगों को यह समझाना है कि मृत्यु के बाद अंगदान का निर्णय किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन में नई उम्मीद ला सकता है।

कार्यक्रम के जरिए उन परिवारों को भी सार्वजनिक सम्मान देने का प्रयास किया जाएगा, जिन्होंने कठिन भावनात्मक परिस्थितियों के बावजूद अंगदान का निर्णय लेकर मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।

किरण फाउंडेशन द्वारा आयोजित

मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे श्री रामेश्वर शर्मा

इस गरिमामयी समारोह में मुख्य अतिथि श्री रामेश्वर शर्मा अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। वे अंगदाता परिवारों, चिकित्सकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करेंगे तथा समाज को अंगदान के प्रति प्रेरणादायी संदेश देंगे।

‘रहे न रहे हम 2.0’ के माध्यम से किरण फाउंडेशन का संदेश स्पष्ट है, मनुष्य का जीवन भले समाप्त हो जाए, लेकिन उसके अंग किसी दूसरे इंसान को नया जीवन देकर उसकी यादों को हमेशा जीवित रख सकते हैं।

अंगदान—एक ऐसा संकल्प, जो किसी की जिंदगी बचा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *