कामना कासोटिया, झारखंड: बोकारो जिले में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक लंगूर को लोगों ने डंडों से पीट दिया। यह घटना उस समय हुई जब वन विभाग की टीम घायल कर रहे लंगूर को पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान चला रही थी। इस दौरान कुछ लोगों ने लंगूर को घेर लिया और बुरी तरह से पीटना शुरू कर दिया। अब इस अमानवीय हरकत पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है और दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की तैयारी कर ली है।
लंगूर बीते कुछ दिनों से लोगों को कर रहा था घायल
बताया जा रहा है कि यह लंगूर बीते कुछ दिनों से बोकारो के विभिन्न इलाकों में लोगों को घायल कर रहा था। करीब 20 लोग इसकी चपेट में आ चुके थे। कई बच्चों और बुज़ुर्गों को भी इसने घायल किया, जिससे लोग डर के साए में जी रहे थे। जब वन विभाग को इसकी सूचना मिली, तो उन्होंने जानवर को पकड़ने के लिए एक रेस्क्यू टीम भेजी। रेस्क्यू टीम जब लंगूर को पकड़ने पहुंची, तो लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।
लोग इतने गुस्से में थे कि उन्होंने लंगूर पर लाठियों से हमला कर दिया। इस हिंसक भीड़ में बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्ग तक शामिल थे। उन्होंने लंगूर को इतना मारा कि वह अधमरा हो गया। वन विभाग की टीम जब तक लंगूर को बचा पाती, तब तक लोगों की बेरहमी से वह बुरी तरह घायल हो चुका था।वन विभाग का कहना है कि रेस्क्यू के दौरान किसी भी जानवर को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए।
जानवरों को बचाने के लिए बनी टीम का काम जानवर को सुरक्षित पकड़कर उसे जंगल में छोड़ना होता है या इलाज कराना होता है, न कि भीड़ के हवाले करना। विभाग के अनुसार, जो लोग इस हिंसा में शामिल थे, उन्हें चिन्हित किया जा रहा है। उनकी पहचान वीडियो फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर की जा रही है। जल्द ही इन लोगों पर क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग के अधिकारी ने क्या कहा?
वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, “हम समझते हैं कि लंगूर ने कुछ लोगों को घायल किया, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम उसकी जान ले लें। वह एक बेजुबान जानवर है। हमें संवेदनशील बनना होगा और क़ानून को अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। कुछ लोग जहाँ इस अमानवीयता की निंदा कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग घायल हुए नागरिकों के दर्द को भी समझ रहे हैं। लेकिन बहुमत का कहना है कि इस तरह की हिंसा किसी भी स्थिति में जायज़ नहीं है।
