भोपाल में आयोजित Influencer Awards 2025 में 600 से अधिक क्रिएटर्स ने हिस्सा लिया था, जहां सभी प्रतिभागियों ने अपना यात्रा और भोजन खर्च खुद उठाया, लेकिन आरोप है कि अधिकांश को न तो अवॉर्ड मिला और न ही उनके नाम अवॉर्ड लिस्ट में शामिल किए गए, जबकि केवल कुछ चुनिंदा क्रिएटर्स को ही सम्मानित किया गया।

मामला तब और गंभीर हो गया जब कार्यक्रम से जुड़ी एजेंसी CEM India ने एक Influencer को ₹10 लाख का कानूनी नोटिस भेजा, वहीं SAGE University के आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट के चलते विश्वविद्यालय की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

प्रतिभागियों को न तो अवॉर्ड मिला और न ही उनके नाम आधिकारिक अवॉर्ड

सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो और दावों के अनुसार इस कार्यक्रम में 600 से अधिक कंटेंट क्रिएटर्स ने हिस्सा लिया, लेकिन आरोप है कि अधिकांश प्रतिभागियों को न तो अवॉर्ड मिला और न ही उनके नाम आधिकारिक अवॉर्ड सूची में शामिल किए गए। Influencers का दावा है कि, कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उन्होंने— यात्रा (Travel) भोजन (Food) ठहरने जैसे पूरा खर्च स्वयं उठाए, लेकिन इसके बावजूद उन्हें किसी तरह का सम्मान या पूर्व में बताए गए लाभ नहीं मिले।

सोशल मीडिया पर आरोपों से शुरू हुआ विवाद

आरोप है कि, केवल कुछ चुनिंदा क्रिएटर्स को ही अवॉर्ड दिए गए, जबकि बड़ी संख्या में मौजूद प्रतिभागियों के नाम तक सूची में शामिल नहीं थे। सोशल मीडिया पर आरोपों से शुरू हुआ विवाद कार्यक्रम के बाद कई Influencers ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अवॉर्ड प्रक्रिया की पारदर्शिता, चयन मानदंड और आयोजकों की भूमिका पर सवाल उठाए। इन वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला तेजी से वायरल हुआ और आयोजकों पर गंभीर आरोप लगाए जाने लगे।

10 लाख का लीगल नोटिस, मामला पहुंचा कानूनी मोड़ पर

SAGE University की भूमिका क्यों चर्चा में? यह कार्यक्रम SAGE University, भोपाल परिसर में आयोजित हुआ था। इसके साथ ही SAGE University के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से Influencer Awards 2025 से जुड़ा एक पोस्ट भी साझा किया गया, जिसमें “SAGE University Presents” जैसे शब्दों का उपयोग किया गया। इसी वजह से अब यह सवाल उठ रहे हैं कि—क्या यह विश्वविद्यालय का आधिकारिक कार्यक्रम था ? यदि यह किसी third party द्वारा आयोजित था, तो university branding और promotion किस स्तर की अनुमति से किया गया ?

आयोजन से जुड़ी एजेंसी CEM India की ओर से कई Influencer को ₹10 लाख का कानूनी नोटिस भेजा गया है। नोटिस में copyright violation और defamation जैसे आरोप लगाए गए हैं और कंटेंट हटाने, माफ़ी और मुआवज़े की मांग की गई है।

University की आधिकारिक भूमिका क्या थी?

नोटिस में आरोप लगाया गया है कि Influencer द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए कंटेंट से एजेंसी की छवि को नुकसान पहुंचा और उनकी बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) का बिना अनुमति उपयोग किया गया। नोटिस में कंटेंट हटाने, सार्वजनिक माफ़ी और मुआवज़े की मांग की गई है, साथ ही कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। अब भी कई सवाल इस पूरे घटनाक्रम के बाद भी कई अहम सवाल बने हुए हैं—अवॉर्ड चयन की प्रक्रिया क्या थी? 600 से अधिक प्रतिभागियों में से केवल कुछ को ही सम्मान क्यों मिला? University की आधिकारिक भूमिका क्या थी?

Influencers द्वारा लगाए गए आरोपों पर आयोजकों और विश्वविद्यालय का स्पष्ट पक्ष क्या है? Agnipatrika का रुख इस मामले में आयोजन से जुड़ी एजेंसी और SAGE University प्रबंधन से आधिकारिक स्पष्टीकरण मांगा है। जवाब मिलने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।

नोट: यह खबर सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो, सार्वजनिक पोस्ट और कानूनी नोटिस के आधार पर तैयार की गई है। Agnipatrika किसी भी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। Agnipatrika सभी पक्षों का पक्ष सामने रखने और तथ्यों के आधार पर पत्रकारिता करने के सिद्धांत पर कायम है।

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