Muskan Garg: ऑस्ट्रेलियन कंगारूस हो या अन्य क्रिकेट टीम सब पीछे पछाड़ आई है भारत की छोरिया भी छोरो से कम नहीं है फिर बात साबित कर दिखाई है..
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी क्रांति गॉड का भोपाल के राजा भोज हवाई अड्डे पर ढोल-नगाड़ों और फूलों से भव्य स्वागत किया गया। क्रांति गॉड का वर्ल्ड कप जीतने के बाद घर वापसी का यह पहला अवसर था। क्रांति गोड, जो हाल ही में भारत के लिए शानदार प्रदर्शन कर महिला टीम को जीत की राह पर ले गईं, आज देश की नई प्रेरणा बन चुकी हैं। उनके भोपाल आगमन की खबर सोशल मीडिया पर पहले ही वायरल हो चुकी थी, जिसके चलते एयरपोर्ट पर भारी भीड़ उमड़ी।


महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी क्रांति गोड का भोपाल आगमन बना जसन, हर ओर गूंजा “भारत माता की जय” का जयकारा:
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की चर्चित खिलाड़ी श्रीमती क्रांति गोड का भोपाल आगमन किसी त्योहार से कम नहीं रहा। जैसे ही क्रांति क्रांति गॉड एयरपोर्ट से बाहर निकलीं, तो सैकड़ों प्रशंसकों ने फूलों की वर्षा और नारों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। शहर की गलियों में “क्रांति दीदी ज़िंदाबाद” और “जय हिन्द, जय भारत” के नारे गूंज उठे। बच्चों ने भी उनका स्वागत करते हुए देशभक्ति के नारे लगाए। बच्चों ने तिरंगे झंडे भी लहराए, जो सबके दिल में देशभक्ति का भाव भर रहे थे। बच्चों ने उन्हें फूलों की मालाएं पहनाई और फूलों के गुलदस्ते भेंट किए। स्वागत और भी रंगीन हुआ जब ढोल की थाप पर लोक कलाकारों ने शानदार प्रदर्शन किया।

भव्य स्वागत यात्रा बनी आकर्षण का केंद्र:
उनकी गाड़ी को फूलों से बहुत सुंदर तरीके से सजाया गया। क्रांति गोड का स्वागत करने के लिए स्थानीय क्रिकेट अकादमी के खिलाड़ी, स्कूली छात्राओं और महिला संगठन के सदस्य मौजूद थे। शहर के मुख्य चौराहों पर बैनर और पोस्टर लगाकर उनका स्वागत किया गया।

सरकार द्वारा सम्मानित किया गया:
मध्य प्रदेश सरकार ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य विश्वकप विजेता क्रांति गॉड को सम्मानित किया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं इस बात की घोषणा की कि मध्य प्रदेश सरकार उनको 1 करोड़ रुपए की नाम राशि से पुरस्कृत करेगी और उनका सम्मान करेगी।

जनहित में संदेश:
सफलता के रास्ते में आने वाली चुनौतियों से हार नहीं माननी चाहिए। अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहें। गॉड न अपने ही उदाहरण में बताया कि विश्व कप जीतने के बाद उनके गांव में वीआईपी आने लगे, लेकिन उनके जीवन में ऐसे भी क्षण आए थे जब लोग उनसे नहीं मिलना चाहते थे।उन्होंने कहा कि साधनों की कमी से खुदको रोकना नहीं चाहिए। गौड़ ने सफलता हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की है बाधाएं उनके जीवन में भी कम भी थी। उन्होंने कहा दृढ़ रहें, क्योंकि सफलता दुनिया को बदलती है।

उनकी इस यात्रा ने खेल प्रेमियों को उत्साहित ही नहीं किया बल्कि यह भी बताया कि आज भारत की बेटियाँ हर क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रही हैं। श्रीमती क्रांति गोड का भोपाल आगमन खेल जगत और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक था। उनकी भव्य एंट्री ने साबित कर दिया कि सच्चे खिलाड़ी मैदान पर नहीं, बल्कि लोगों के दिलों में भी राज करते हैं।

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