air india expressएयर इंडिया एक्सप्रेस


शुवांगि प्रधान: देश की प्रमुख एयरलाइन ऐयर ईंडिया ने अपने मालिक टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस से लगभग 10 000 करोड़ रुपये की तात्कालिक मदद की मांग की है… ईस आर्थिक मांग का मकसद है सिस्टम्स और सर्विसेज में सुधार, इन-हाउस इंजीनियरिंग एवं मेंटेनेंस विभाग का निर्माण…


जून में हुई अहमदाबाद फ्लाइट दुर्घटना से ऐयर ईंडिया हुआ कमजोर
एयर इंडिया को हाल-फिलहाल कई बड़े आर्थिक एवं परिचालन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है …जून में हुई अहमदाबाद फ्लाइट दुर्घटना से मानो ऐयर ईंडिया कमजोर हो गई है….ऐयरलाईन्स का बढ़ता ईंधन खर्च और ब्रेक-ईवन करने के लक्ष्य में देरी के कारण ऐयर इंडिया को आर्थिक राशी की मांग करनी पड गई….टाटा संस के पास लगभग 74.9 % हिस्सेदारी है, जबकि सिंगापुर एयरलाइंस बाकी कि शेष हिस्सेदारी धारण करती है….किसी भी निवेश का स्वरूप और रकम का विभाजन इस हिस्सेदारी के अनुपात में तय होगा….


क्यों है एयरलाइन्स को मद्द की जरूरत
जून में हुए बोइंग 787 दुर्घटना ने एयरलाइन की प्रतिष्ठा व वित्तीय स्थिति पर गंभीर असर डाला है….पाकिस्तान के वायुक्षेत्र के बंद रहने से विमानों को लंबी रूट् और बढ़ते परिचालन खर्च का सामना करना पड रहा है…निर्धारित समय-सीमा यानी मार्च 2026 तक परिचालन में लाभ कमाने का लक्ष्य संभव नहीं दिख रहा….यदि यह वित्तीय सहायता समय रेहते नहीं मिल पाई तो एयर इंडिया की सुधार योजना, सर्विस क्वालिटी और परिचालन पुनरुद्धार पर असर पड़ेगा… विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के निवेश से एयरलाइन्स को भरोसे भी मिल सकती है…


मालिक कंपनियों के लिए क्या यह एक बड़ी जिम्मेदारी है
एयर इंडिया की यह वित्त-मांग स्पष्ट संकेत है कि उसकी पुनर्रचना प्रक्रिया अभी भी जोखिमपूर्ण रास्ते पर है…मालिक कंपनियों के लिए यह एक बड़ी जिम्मेदारी बन चुकी है, जबकि यात्रियों व निवेशकों की निगाहें अब एयरलाइन के सुधार पर टिकी हैं..

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