रिशाली त्रिपाठी गोस्वामी: मध्यप्रदेश के मैहर-65 क्षेत्र से पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर मझगवा-चित्रकूट क्षेत्र में सरसंग्राम टाइगर रिजर्व बनाने और इस इलाके में संचालित हो रही पत्थर खदानों पर रोक लगाने की मांग की है।

आदिवासी जीवन पर संकट
पत्र में कहा गया है कि इस क्षेत्र की प्राकृतिक और धार्मिक महत्ता के साथ-साथ यहां की आदिवासी आबादी की जीविकोपार्जन पर भी संकट खड़ा हो गया है। खदानों के विस्तार से स्थानीय लोगों की रोज़ी-रोटी और पर्यावरण दोनों पर गंभीर असर पड़ रहा है।
धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से महत्व
मझगवा-चित्रकूट क्षेत्र भगवान श्रीराम और महर्षि अत्रि सहित कई धार्मिक परंपराओं से जुड़ा हुआ है। यहां बड़ी संख्या में तीर्थयात्री और श्रद्धालु आते हैं। त्रिपाठी ने पत्र में लिखा है कि यदि इस क्षेत्र को टाइगर रिजर्व का दर्जा मिल जाता है तो यहां धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ प्राकृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
पत्थर खदानें बना रही हैं समस्या
पूर्व विधायक ने कहा कि क्षेत्र में फैली पत्थर खदानें न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रही हैं बल्कि वन्यजीवों और स्थानीय निवासियों की शांति भंग कर रही हैं। खदानों से बढ़ते प्रदूषण और विस्थापन की वजह से आदिवासी समुदाय संकट झेल रहा है।
सरकार से कार्रवाई की अपील
नारायण त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस क्षेत्र में टाइगर रिजर्व की स्थापना की दिशा में कदम उठाए जाएं और परसमनिया पत्थर क्षेत्र को संरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए। साथ ही, अवैध व अनियंत्रित पत्थर खदानों को बंद करने का भी अनुरोध किया है।
