कामना कासोटिया भोपाल: कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण के दौरान भगदड़, दो महिलाओं की मौत: मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में स्थित कुबेरेश्वर धाम में मंगलवार को रुद्राक्ष वितरण कार्यक्रम के दौरान भगदड़ मच गई। इस हादसे में दो महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। चश्मदीदों का कहना है कि इस विशाल आयोजन में पुलिस और प्रशासन की कोई तैयारी नहीं थी। सबसे हैरानी की बात यह रही कि घटनास्थल पर एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था।

रुद्राक्ष प्राप्त करने की इच्छा में हजारों की भीड़ मंदिर परिसर में जमा हुई

कुबेरेश्वर धाम में हर साल बड़े स्तर पर धार्मिक आयोजन होते हैं। इस बार भी भारी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे थे, क्योंकि सोशल मीडिया और पोस्टर्स के ज़रिए यह प्रचार किया गया था कि सभी को “रुद्राक्ष” वितरित किए जाएंगे। रुद्राक्ष प्राप्त करने की इच्छा में हजारों की भीड़ मंदिर परिसर में सुबह से ही जमा हो गई थी।

भीड़ इतनी ज़्यादा थी कि जैसे ही रुद्राक्ष वितरण शुरू हुआ, लोग धक्का-मुक्की करने लगे। कुछ ही पलों में हालात बिगड़ गए और भगदड़ मच गई। लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे। इसी भगदड़ में दो महिलाओं की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों महिलाएं ज़मीन पर गिर पड़ी थीं और भीड़ के पैरों तले कुचल गईं। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। सीहोर जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद कुछ घायलों को भोपाल रेफर किया गया है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक कुछ घायलों की हालत गंभीर है।प्रशासन की लापरवाही सवालों के घेरे मेंइस हादसे ने प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सीहोर के कलेक्टर ने हादसे पर दुख जताया है।

हजारों लोगों की भीड़ के बावजूद न तो कोई सुरक्षा उपाय किए गए थे और न ही कोई आपातकालीन योजना तैयार की गई थी। सोशल मीडिया पर लोगों ने भी नाराज़गी जताते हुए कहा है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन सबसे अहम होता है, लेकिन यहां उसे पूरी तरह नजरअंदाज़ किया गया।

सीहोर के कलेक्टर ने हादसे पर दुख जताया है और जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा, “यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। हम इसकी जांच करवा रहे हैं कि आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं थी। जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”वहीं, राज्य सरकार ने भी मृतकों के परिवारों को मुआवज़ा देने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि घटना दुखद है और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।कुबेरेश्वर धाम की यह घटना हमें यह सिखाती है कि धार्मिक आस्था के साथ-साथ सुरक्षा भी उतनी ही ज़रूरी है। आयोजकों और प्रशासन को मिलकर ऐसे कार्यक्रमों की पहले से पूरी योजना बनानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को टाला जा सके। श्रद्धालुओं की ज़िंदगी की कीमत पर कोई भी लापरवाही माफ नहीं की जा सकती।

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