रिपोर्ट, काजल जाटव : नई दिल्ली और बेंगलुरु में फिर से स्कूलों के बारे में धमकी भरे ईमेल मिलने से हड़कंप मच गया है। गुरुवार सुबह कई स्कूलों को ऐसा मेल मिला जिसमें लिखा था, ‘आप भी मेरी तरह पीड़ित होने का हकदार हैं।’ इतना ही नहीं, इन धमकियों के कारण दोनों शहरों में डर का माहौल बन गया है। तुरंत ही पुलिस, बॉम स्क्वॉड और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय कर दिया गया। वहां स्कूलों को जल्द से जल्द खाली कराया गया और बच्चों को सुरक्षित घर भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि इन स्कूलों के साथ साथ कुछ कॉलेज जैसे शैक्षणिक संस्थानों में भी ये धमकी भरे मेल आए थे।
दिल्ली और बेंगलुरु प्रभावित
बेंगलुरु पुलिस का कहना है कि कम से कम 45 निजी स्कूलों को धमकी भरे ईमेल भेजे गए हैं। इनमें से अधिकांश बड़े और हाई सुरक्षा वाले स्कूल हैं। मेल में लिखा था कि स्कूल में बम रखा गया है, जो कभी भी फट सकता है। मैं तुम सबको इस दुनिया से मिटा दूंगा। कोई नहीं बचेगा। मैं हंसते हुए न्यूज देखूंगा, जहां माता-पिता अपने बच्चों की लाशें स्कूल में पड़ी देखेंगे।’ इसके अलावा उसने अपने डिप्रेशन और मानसिक स्थिति को लेकर भी बातें लिखीं और मनोचिकित्सकों पर गुस्सा जाहिर किया। उसने यह भी कहा कि यह मेल मीडिया तक जरूर पहुंचना चाहिए। इससे पहले कि कोई अनहोनी हो, तुरंत ही पुलिस को सूचित किया गया। बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड ने स्कूलों की तलाशी ली, लेकिन अब तक कोई विस्फोटक नहीं मिला है।
वहीं दिल्ली में भी ऐसा ही मेल मिला इसी तरह की धमकियों का मामला दिल्ली के कुछ स्कूलों में भी सामने आया है। दक्षिण और पश्चिम दिल्ली के दो मुख्य निजी स्कूलों को ये धमकी भरे मेल मिले, जिनमें एक जैसी भाषा का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस ने तुरंत ही स्कूलों को खाली कराया, बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालकर उनके परिजनों को सौंपा। साथ ही, ईमेल की ट्रेसिंग और साइबर जांच शुरु कर दी गई है।
इन स्कूलों में शामिल हैं-
समरफील्ड इंटरनेशनल स्कूल (साउथ दिल्ली)
मैक्सफोर्ट जूनियर स्कूल (पीतमपुरा)
गुरु नानक स्कूल, सेंट थॉमस स्कूल, जीडी गोयनका स्कूल, द्वारका इंटरनेशनल स्कूल (द्वारका)
रिचमंड स्कूल (पश्चिम विहार)
रोहिणी के छह स्कूल – MRG स्कूल, DPS सेक्टर 3, सॉवरेन पब्लिक स्कूल, हेरिटेज स्कूल, INT पब्लिक स्कूल, अभिनव स्कूल।
“साइबर आतंकवाद की साजिश” – अधिकारियों की प्रतिक्रिया
साइबर आतंकवाद की साजिश – अधिकारी बोले प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये मेल संभवतः विदेश से भेजे गए हैं। साइबर एक्सपर्ट्स जांच में जुट गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यह एक साइबर टेररिस्ट अटैक हो सकता है, जिसका मकसद लोगों में डर डालना और शांति भंग करना है। कर्नाटक के गृह मंत्री ने इसे बहुत गंभीर मामला बताया और कहा, “हम बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे, अपराधियों को जल्द पकड़ा जाएगा।”
छात्र और अभिभावक डर में हैं इस घटनाक्रम के कारण छात्रों और उनके माता-पिता में काफी तनाव है। सुबह-सुबह स्कूल के बाहर परेशान अभिभावक दौड़ रहे थे, बच्चे रो रहे थे और पुलिस की गाड़ियां भी जमा हो गई थीं। कई माता-पिता ने कहा है कि प्रशासन को स्कूलों की सुरक्षा मजबूत करनी चाहिए और ऐसे मामलों में दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियाँ
पहले भी मिली थी ऐसी धमकी गौरतलब है कि मई 2024 में भी बेंगलुरु और दिल्ली के स्कूलों को इसी तरह की धमकियां मिली थीं। उस वक्त भी कोई विस्फोटक नहीं मिला था, लेकिन इस बार मेल का टोन और भाषा ज्यादा खतरनाक लग रही है।
बच्चों की सुरक्षा के मामले में कोई भी चूक बर्दाश्त नहीं की जा सकती। इन धमकियों को मजाक या अफवाह समझकर नजरअंदाज करना नुकसानदेह हो सकता है। प्रशासन को चाहिए कि वह साइबर और फिजिकल सिक्योरिटी दोनों को मजबूत बनाए और ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करे।
