“महिला का कामकाजी होना बच्चों की ज़िम्मेदारी से मुक्त नहीं करता, पिता की जिम्मेदारी भी कम नहीं होती” दिल्ली हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी, न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा का सशक्त फैसला
Muskan Garg: दिल्ली उच्च न्यायालय ने पारिवारिक जिम्मेदारियों और लैंगिक समानता को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील टिप्पणी की है। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि…
