Suvangi Pradhan: देश की सर्वोच्च अदालत में अब नई शुरुआत होने जा रही है…भारत के राष्ट्रपति ने न्यायमूर्ति सूर्यकांत को देश का 53वां मुख्य न्यायाधीश (CJI) नियुक्त किया है…वह मौजूदा मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ के उत्तराधिकारी होंगे, जिनका कार्यकाल 23 नवंबर को समाप्त हो रहा है…न्यायमूर्ति सूर्यकांत 24 नवंबर को भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे…
14 महीने का रहेगा कार्यकाल
न्यायमूर्ति सूर्यकांत का कार्यकाल लगभग 14 महीने का रहेगा…वह जनवरी 2027 तक इस पद पर रहेंगे…सुप्रीम कोर्ट में अपने अनुभव और सख्त न्यायिक रुख के लिए वे जाने जाते हैं… कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इन 14 महिनों के दौरान वह न्यायिक प्रणाली में पारदर्शिता और गति लाने के लिए कई अहम कदम उठा सकते हैं…
कौन हैं जस्टिस सूर्यकांत?
जस्टिस सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जज हैं और अपने स्पष्ट और न्यायपूर्ण फैसलों के लिए जाने जाते हैं…वे पहले हरियाणा और पंजाब हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं…सुप्रीम कोर्ट में आने के बाद उन्होंने कई अहम मामलों की सुनवाई की और न्यायपालिका में सुधारों के पक्षधर रहे हैं…हरियाणा के हिसार में जन्मे सूर्यकांत ने पंजाब यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की है…उन्होंने 1984 में बतौर वकील प्रैक्टिस शुरू की और 2001 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के जज बने…2018 में उन्हें हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया और 2019 में वे सुप्रीम कोर्ट के जज बने…
देशभर से मिल रही हैं शुभकामनाएँ
उनकी नियुक्ति के बाद देशभर से बधाइयों का सिलसिला जारी है…कानूनी जगत के दिग्गजों ने उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में न्यायपालिका और अधिक पारदर्शी और सशक्त बनेगी… कानूनी समुदाय, वरिष्ठ अधिवक्ता और राजनीतिक नेताओं ने भी उन्हें बधाई दी है…प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा है कि “जस्टिस सूर्यकांत को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं,न्यायपालिका उनके नेतृत्व में नई ऊँचाइयों को छुएगी”…वह मौजूदा मुख्य न्यायाधीश के सेवानिवृत्त होने के बाद, 24 नवंबर को पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे
