कामना कासोटिया भोपाल:
भारत सरकार ने हाल ही में “नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी 2025” की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य देश में खेलों को बढ़ावा देना, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देना और भारत को एक वैश्विक खेल महाशक्ति बनाना है। इस नीति में खिलाड़ियों की ट्रेनिंग, आर्थिक सहायता, खेल के बुनियादी ढांचे का विकास और महिलाओं की भागीदारी को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
इसी बीच, भारत को एक और बड़ी जिम्मेदारी मिली है — एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट 2025 की मेज़बानी। यह टूर्नामेंट भारत के लिए न सिर्फ खेल के लिहाज़ से, बल्कि अंतरराष्ट्रीय छवि के लिए भी बेहद अहम माना जा रहा है। लेकिन, आयोजन से पहले ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विवाद खड़े हो गए हैं।
नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी 2025: क्या है खास?
नई नीति में सरकार ने खेलों के क्षेत्र में कई बड़े बदलाव करने की बात कही है। मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- स्कूल स्तर पर खेलों को अनिवार्य करना
- खिलाड़ियों के लिए स्वास्थ्य बीमा और पेंशन योजना
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में खेल सुविधाओं का विस्तार
- प्रतिभावान खिलाड़ियों की पहचान के लिए एक राष्ट्रीय टैलेंट सर्च प्रोग्राम
- महिला खिलाड़ियों को विशेष सहयोग और संरक्षण
खेल मंत्री ने घोषणा की कि “यह नीति सिर्फ एक दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि भारत को खेलों में विश्व स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।”
एशिया कप हॉकी 2025: भारत को मिली मेज़बानी
भारतीय हॉकी महासंघ ने एशियन हॉकी फेडरेशन से इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेज़बानी हासिल की है। यह टूर्नामेंट अगले वर्ष अप्रैल 2025 में आयोजित किया जाएगा। संभावित स्थल के रूप में राउरकेला (ओडिशा) और लखनऊ (उत्तर प्रदेश) के नाम सामने आए हैं। हॉकी प्रेमियों के लिए यह एक सुनहरा मौका होगा अपने देश में एशिया के शीर्ष खिलाड़ियों को खेलते देखने का।
लेकिन इस आयोजन से पहले ही सुरक्षा को लेकर चिंताएं सामने आने लगी हैं।
सुरक्षा पर उठे सवाल
खासकर कश्मीर, मणिपुर और कुछ अन्य संवेदनशील इलाकों से आने वाली रिपोर्टों के बाद सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या भारत इस स्तर के टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह तैयार है? कुछ खिलाड़ियों और टीमों ने गोपनीय तौर पर सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई है। साथ ही, एक विदेशी हॉकी अधिकारी के बयान ने विवाद को और बढ़ा दिया। उन्होंने कहा,
“भारत में हॉकी का माहौल बहुत अच्छा है, लेकिन खिलाड़ियों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। हमें पूरी गारंटी चाहिए कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होगी।”
सरकार और आयोजकों की प्रतिक्रिया
खेल मंत्रालय और भारतीय हॉकी महासंघ ने इस मुद्दे पर तुरंत प्रतिक्रिया दी है। खेल मंत्री ने बयान जारी करते हुए कहा,
“हमारी सरकार खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई सफल टूर्नामेंट पहले भी आयोजित हो चुके हैं। इस बार भी सुरक्षा में कोई कमी नहीं रहेगी।”
ओडिशा के मुख्यमंत्री ने भी भरोसा दिलाया है कि अगर राउरकेला को आयोजन स्थल चुना गया, तो राज्य सरकार उच्च स्तर की सुरक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
विशेषज्ञों की राय
खेल विश्लेषकों का मानना है कि सुरक्षा एक अहम पहलू है, लेकिन इसे लेकर डर फैलाना सही नहीं है। भारत ने हाल के वर्षों में क्रिकेट विश्व कप, अंडर-17 फुटबॉल वर्ल्ड कप और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं की सफल मेज़बानी की है। ऐसे में, सरकार को चाहिए कि वह समय रहते सभी सुरक्षा तैयारियां सुनिश्चित करे और विरोध की किसी भी संभावना को खत्म करे।
नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी 2025 जहां भारत को खेलों में नई दिशा देने की कोशिश है, वहीं एशिया कप हॉकी 2025 भारत को एक बार फिर दुनिया के सामने अपनी आयोजन क्षमता दिखाने का मौका देगा। लेकिन इसके साथ ही सरकार और आयोजन समितियों पर यह ज़िम्मेदारी भी है कि सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों को हल्के में न लें।
सुरक्षा व्यवस्था को मज़बूत कर, खिलाड़ियों और दर्शकों को एक सुरक्षित और शानदार अनुभव देना ही इस आयोजन की सफलता की असली कुंजी होगी।
