कामना कासोटिया भोपाल:
ड्रीम11 टीम इंडिया की जर्सी से गायब, ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 से मनी गेम्स पर बैन – 358 करोड़ की डील पर संकट! BCCI ने दिया बयान
भारतीय क्रिकेट टीम की नई जर्सी से एक बड़ा नाम ड्रीम11 (Dream11) अचानक गायब हो गया है। यह वही ड्रीम11 है जो पिछले कुछ वर्षों से टीम इंडिया की आधिकारिक स्पॉन्सर रहा है और खिलाड़ियों की जर्सी पर प्रमुखता से नजर आता था। लेकिन अब 2025 में लागू हुए ऑनलाइन गेमिंग रेगुलेशन बिल के चलते मनी गेम्स पर बैन लगने के बाद यह बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
सरकार द्वारा पास किए गए ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के तहत सभी ऐसे ऑनलाइन गेम्स जो पैसे के लेनदेन से जुड़े हैं या जिन्हें “मनी गेम्स” की श्रेणी में रखा गया है, उन पर अब भारत में पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसका सीधा असर उन कंपनियों पर पड़ा है जो फैंटेसी गेम्स या ऑनलाइन बेटिंग जैसे गेम्स चलाती हैं। इसी कड़ी में ड्रीम11, जो कि एक प्रमुख फैंटेसी गेमिंग प्लेटफॉर्म है, को अब टीम इंडिया की स्पॉन्सरशिप से हटना पड़ा है।
358 करोड़ की डील पर संकट
बीसीसीआई और ड्रीम11 के बीच 2022 में एक बड़ी डील हुई थी, जिसकी कुल वैल्यू लगभग 358 करोड़ रुपये बताई जा रही थी। यह डील 2026 तक चलनी थी, लेकिन अब नए कानून लागू होने के बाद इस डील का भविष्य अधर में लटक गया है। सवाल यह है कि जो करोड़ों रुपये की स्पॉन्सरशिप ड्रीम11 ने दी थी, उसका अब क्या होगा? क्या ड्रीम11 को कोई मुआवजा मिलेगा या बीसीसीआई किसी नई कंपनी से डील करेगा?
BCCI का आधिकारिक बयान
इस पूरे मामले पर बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने भी अपना बयान जारी किया है।
“हम देश के कानून का पूरा सम्मान करते हैं। सरकार द्वारा पास किए गए नए ऑनलाइन गेमिंग बिल के अनुसार, हमनें ड्रीम11 के साथ चल रहे स्पॉन्सरशिप कॉन्ट्रैक्ट को आपसी सहमति से खत्म कर दिया है। हम ड्रीम11 को उनके अब तक के योगदान के लिए धन्यवाद देते हैं।”
बीसीसीआई ने यह भी साफ किया कि अब टीम इंडिया की जर्सी पर किसी और ब्रांड को लाया जाएगा, लेकिन वह ब्रांड कानूनों के अनुरूप ही होगा।
ड्रीम11 की प्रतिक्रिया
ड्रीम11 की तरफ से भी एक आधिकारिक बयान जारी किया गया है जिसमें उन्होंने कहा:
“हम हमेशा भारतीय खेलों का समर्थन करते आए हैं। हालांकि, बदलते कानूनों के चलते हमने बीसीसीआई के साथ चल रहे करार को समय से पहले खत्म करने का फैसला किया है। हम अपने यूज़र्स को भरोसा दिलाते हैं कि हम कानूनी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए भविष्य में वैकल्पिक रास्ते तलाशेंगे।”
देशभर में मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस फैसले पर लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ लोग सरकार के इस फैसले का समर्थन कर रहे हैं और कह रहे हैं कि इससे युवाओं में ऑनलाइन जुए की लत पर रोक लगेगी। वहीं, कुछ लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह कानून तकनीक और स्टार्टअप कल्चर पर असर डालेगा? क्योंकि ड्रीम11 जैसे प्लेटफॉर्म ने कई युवाओं को रोजगार भी दिया है।
अब आगे क्या?
बीसीसीआई अब किसी नए ब्रांड की तलाश में है जो जर्सी स्पॉन्सर बने और सरकार के नियमों के अनुसार भी हो। खबरों के मुताबिक कुछ बड़े टेक और कंज्यूमर ब्रांड्स ने इस डील में रुचि दिखाई है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।इसके अलावा यह भी देखना दिलचस्प होगा कि क्या दूसरे फैंटेसी गेमिंग ऐप्स जैसे MPL, My11Circle आदि भी इसी तरह प्रभावित होंगे और उनके भी स्पॉन्सरशिप डील्स खत्म की जाएंगी या नहीं।
ऑनलाइन गेमिंग पर सरकार का नया कानून खेल और विज्ञापन की दुनिया में बड़ा बदलाव लेकर आया है। ड्रीम11 जैसी कंपनियों के लिए यह झटका जरूर है, लेकिन देश की युवा पीढ़ी को गलत आदतों से बचाने के मकसद से यह कदम जरूरी भी माना जा रहा है। बीसीसीआई अब आगे किस ब्रांड को टीम इंडिया की जर्सी पर लाता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
