कामना कासोटिया, भोपाल: अब महिला एथलीट्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए जीवन में एक बार जेंडर टेस्ट कराना जरूरी होगा। वर्ल्ड एथलेटिक्स काउंसिल ने एक नया नियम लागू किया है, जिसके तहत हर महिला खिलाड़ी को SRY जीन टेस्ट से गुजरना अनिवार्य होगा। यह फैसला हाल ही में बुधवार को लिया गया।
वर्ल्ड एथलेटिक्स काउंसिल ने साफ कर दिया है कि जो महिला खिलाड़ी इस टेस्ट को नहीं करवाएगी या इस टेस्ट में पास नहीं होगी, वह वर्ल्ड रैंकिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले सकेगी। इसमें वर्ल्ड चैंपियनशिप, ओलंपिक जैसे बड़े टूर्नामेंट भी शामिल हैं।
क्या है SRY जीन टेस्ट?
SRY (Sex-determining Region Y) जीन एक ऐसा जीन होता है जो सामान्यतः पुरुषों में पाया जाता है और पुरुष लक्षणों के विकास में अहम भूमिका निभाता है। यह जीन Y क्रोमोसोम पर मौजूद होता है। किसी भी महिला एथलीट में अगर यह जीन पाया जाता है, तो उसके जेंडर की जांच की जाएगी कि वह महिला वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने के योग्य है या नहीं।यह टेस्ट इस बात की पुष्टि करता है कि खिलाड़ी का जैविक लिंग वही है जो उसने घोषित किया है।
वर्ल्ड एथलेटिक्स का मानना है कि इस कदम से खेल में निष्पक्षता और समानता सुनिश्चित की जा सकेगी।क्यों लिया गया यह फैसला?पिछले कुछ वर्षों से जेंडर से जुड़ी कई विवादित घटनाएं सामने आई हैं, जहाँ कुछ महिला खिलाड़ियों पर यह सवाल उठे कि उनकी जैविक बनावट महिला वर्ग में प्रतिस्पर्धा के लिए उपयुक्त है या नहीं। इस वजह से पुरुष हार्मोन लेवल और जैविक विशेषताओं पर बहस शुरू हो गई थी।वर्ल्ड एथलेटिक्स का कहना है कि कुछ मामलों में महिला खिलाड़ियों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर बहुत अधिक पाया गया, जिससे उन्हें स्वाभाविक रूप से बढ़त मिलती है। ऐसे में इस नई नीति से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सभी एथलीट समान स्तर पर प्रतिस्पर्धा करें।
खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
हालांकि यह फैसला कुछ विशेषज्ञों और खिलाड़ियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोग इसे महिलाओं की निजता में हस्तक्षेप मान रहे हैं, तो कुछ का मानना है कि खेल में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह जरूरी कदम है।कई महिला एथलीट्स ने चिंता जताई है कि कहीं यह नियम उनके करियर पर असर न डाले, खासकर उन खिलाड़ियों पर जिनके शरीर में प्राकृतिक रूप से कुछ हार्मोन असामान्य स्तर पर होते हैं।
वर्ल्ड एथलेटिक्स का यह कदम खेलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता लाने की दिशा में एक बड़ा फैसला है, लेकिन इसके साथ ही यह कई नैतिक और सामाजिक सवाल भी खड़ा करता है। अब देखना होगा कि आने वाले समय में एथलीट्स और खेल संगठनों की ओर से इस पर कैसी प्रतिक्रिया आती है।फिलहाल, हर महिला खिलाड़ी को एक बार यह SRY जीन टेस्ट करवाना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि वह भविष्य में किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा ले सके।
