भारतीय क्रिकेट जगत के बेहतरीन लेग स्पिनर्स में से एक नाम है अमित मिश्रा। 25 साल तक क्रिकेट के मैदान पर अपने हुनर का जलवा दिखाने वाले मिश्रा ने हाल ही में अपने भावुक शब्दों के जरिए क्रिकेट से जुड़ी अपनी जर्नी को याद किया।
Amit Mishra ने कहा कि,
“क्रिकेट में इन 25 साल मेरे लिए बेहद ही यादगार रहे। मैं बीसीसीआई, प्रशासन, हरियाणा एसोसिएशन, सपोर्ट स्टाफ, मेरे साथी खिलाड़ियों और परिवार वालों को दिल से शुक्रिया अदा करता हूं। मैं फैंस का भी आभारी हूं, जिनके अटूट प्यार और सपोर्ट ने मेरी इस जर्नी को और खास बनाया। क्रिकेट ने मुझे अनगिनत यादें और अमूल्य सीख दी हैं और मैदान पर बिताया हर पल मेरे लिए जीवनभर की पूँजी है।” – अमित मिश्रा
अंतरराष्ट्रीय करियर की झलक
अमित मिश्रा ने टीम इंडिया के लिए सभी तीनों फॉर्मेट में खेला।
टेस्ट: 22 मैच – 76 विकेट
वनडे: 36 मैच – 64 विकेट
टी20: 10 मैच – 16 विकेट
2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू
उनका डेब्यू टेस्ट मैच 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुआ था और वनडे करियर की शुरुआत 2003 में जिम्बाब्वे के खिलाफ। मिश्रा का आखिरी वनडे 2016 में न्यूजीलैंड के खिलाफ था, वहीं आखिरी टेस्ट भी उसी साल खेला गया। उनका अंतिम टी20 मुकाबला 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ हुआ।
सचिन से भी लंबा करियर
यह दिलचस्प है कि अमित मिश्रा का क्रिकेट सफर सचिन तेंदुलकर से भी लंबा रहा। सचिन ने 1989 से लेकर 2013 तक 24 साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला। जबकि अमित मिश्रा का पेशेवर करियर 25 साल तक चला, जिसमें उन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टीम के लिए योगदान दिया।
इस तरह मिश्रा का करियर लंबाई के लिहाज से “क्रिकेट के भगवान” कहे जाने वाले सचिन से भी आगे निकल गया।
IPL और घरेलू क्रिकेट का सितारा
अंतरराष्ट्रीय मंच से भले ही अमित मिश्रा जल्दी बाहर हो गए, लेकिन इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और घरेलू क्रिकेट में उन्होंने अपनी उपयोगिता लंबे समय तक साबित की। वह IPL में हैट्रिक लेने वाले पहले गेंदबाजों में से एक हैं। उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स, सनराइजर्स हैदराबाद और डेक्कन चार्जर्स जैसी टीमों के लिए शानदार गेंदबाजी की। IPL में अब भी उनके नाम 150 से अधिक विकेट दर्ज हैं।
25 साल लंबी यात्रा क्रिकेट के प्रति लगन, मेहनत जुनून के साथ…
अमित मिश्रा भले ही टीम इंडिया के लिए नियमित चेहरा नहीं बने, लेकिन भारतीय क्रिकेट में उनका योगदान यादगार रहेगा। उनकी लेग स्पिन, खासकर गूगली और फ्लाइटेड डिलीवरी, बल्लेबाजों के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रही। 25 साल लंबी उनकी यात्रा क्रिकेट के प्रति उनकी लगन, मेहनत और जुनून की गवाही देती है। भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में अमित मिश्रा का नाम हमेशा एक जुझारू स्पिनर के तौर पर दर्ज रहेगा।
