कामना कासोटिया भोपाल:

खेलों को बढ़ावा दे रही है मध्यप्रदेश सरकार: वॉटर स्पोर्ट्स बनी नई पहचान

मध्यप्रदेश सरकार खेलों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में लगातार अग्रसर है। खासतौर पर वॉटर स्पोर्ट्स के क्षेत्र में राज्य ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। भोपाल के बड़े तालाब और छोटे तालाब को केंद्र बनाकर सरकार ने जो कार्य किए हैं, वे न केवल सराहनीय हैं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मध्यप्रदेश को गौरवान्वित करने वाले हैं।

वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना

भोपाल के बड़े तालाब में वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना कर सरकार ने यह साबित कर दिया है कि वह युवाओं को खेल के क्षेत्र में विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। इस अकादमी में अत्याधुनिक सुविधाएं दी गई हैं जिससे खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए देश से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

छोटे तालाब को राष्ट्रीय केंद्र का दर्जा

भोपाल का छोटा तालाब अब केवल एक जलाशय नहीं रहा, बल्कि इसे पैरा-कयाकिंग और केनोइंग के लिए राष्ट्रीय केंद्र का दर्जा दिया गया है। इसका मतलब है कि अब देश भर के खिलाड़ी यहां प्रशिक्षण ले सकेंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी कर सकेंगे।

पैरा एथलीट प्राची यादव की ऐतिहासिक सफलता

मध्यप्रदेश की पैरा एथलीट प्राची यादव ने एशियन पैरा गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। उनकी इस सफलता में राज्य सरकार की वॉटर स्पोर्ट्स के प्रति प्रतिबद्धता का बड़ा योगदान है। प्राची की यह उपलब्धि हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 में शानदार प्रदर्शन

मध्यप्रदेश ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 32 पदक अपने नाम किए और देश की शीर्ष 10 टीमों में अपना स्थान सुनिश्चित किया। यह उपलब्धि राज्य में खेल संस्कृति के विकास और खिलाड़ियों को मिले प्रशिक्षण का परिणाम है।

निशानेबाज ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर की सफलता

राज्य के युवा निशानेबाज ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर न केवल मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया बल्कि देश को भी गर्वित किया। यह उपलब्धि दर्शाती है कि राज्य केवल वॉटर स्पोर्ट्स ही नहीं, बल्कि अन्य खेलों में भी उत्कृष्टता की ओर बढ़ रहा है।

उत्कृष्टता की ओर बढ़ते कदम

मध्यप्रदेश में वर्तमान में 18 उत्कृष्टता अकादमियां संचालित की जा रही हैं, जो विभिन्न खेलों में खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण दे रही हैं। इसके अलावा राज्य में 22 हॉकी टर्फ और 15 से अधिक एथलेटिक्स ट्रैक उपलब्ध हैं। यह सब दर्शाता है कि सरकार खेलों के ढांचे को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री और खेल मंत्री की भूमिका

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और खेल मंत्री श्री यशोधरा राजे सिंधिया की अगुवाई में यह सब संभव हुआ है। दोनों ही नेता खेलों को लेकर न केवल गंभीर हैं, बल्कि वे स्वयं खिलाड़ियों से मिलकर उनका मनोबल भी बढ़ाते हैं।

मध्यप्रदेश अब केवल एक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक राज्य नहीं रहा, बल्कि खेलों के क्षेत्र में भी उसकी पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बन रही है। वॉटर स्पोर्ट्स की बात करें या निशानेबाजी, हॉकी या एथलेटिक्स – हर क्षेत्र में प्रदेश के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।

राज्य सरकार की योजनाएं, अकादमियां और संसाधनों की उपलब्धता ही वह नींव हैं जिस पर यह चमकदार इमारत खड़ी हो रही है। यदि इसी तरह से प्रयास जारी रहे, तो वह दिन दूर नहीं जब मध्यप्रदेश भारत का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स हब बन जाएगा।

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