रिया सिन्हा: रांची में 24 अक्टूबर से आयोजित होने जा रही सैफ (SAAF) एथलेटिक्स चैंपियनशिप में इस बार पाकिस्तान हिस्सा नहीं लेगा। बीते एक साल में दो बार स्थगित हो चुकी इस चैंपियनशिप के लिए पाकिस्तान ने अपना प्रवेश (एंट्री) नहीं भेजा है। इससे पहले, यह चैंपियनशिप पाकिस्तानी एथलीटों को वीजा नहीं मिलने के कारण स्थगित हुई थी। पाकिस्तान की गैर-मौजूदगी के बावजूद, यह इवेंट साउथ एशियाई देशों के बीच एथलेटिक्स के उत्साह को बरकरार रखेगा, लेकिन एक प्रमुख टीम का न होना निश्चित रूप से आकर्षण को थोड़ा कम करेगा। यह प्रतियोगिता युवा एथलीटों के लिए खुद को साबित करने का एक बेहतरीन मौका होगी।
भारत उतारेगा युवा और नई प्रतिभाओं का दल
चैंपियनशिप में मेजबान भारत अपनी एक युवा और मजबूत टीम उतारने की तैयारी में है। भारतीय एथलेटिक्स फेडरेशन ने इस इवेंट को नई प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच देने के मौके के रूप में देखा है। टीम में कई ऐसे युवा चेहरे शामिल होंगे जिन्होंने हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है। अनुभवी सितारों की अनुपस्थिति में, ये युवा एथलीट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने और भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों के लिए अपनी जगह पक्की करने का प्रयास करेंगे। भारतीय दल के लिए यह प्रतियोगिता एक महत्वपूर्ण टेस्टिंग ग्राउंड साबित होगी।
शॉट पुटर समरदीप सिंह गिल पर होंगी खास नजरें
भारतीय दल में सबकी निगाहें मुख्य रूप से युवा शॉट पुटर समरदीप सिंह गिल पर टिकी होंगी। गिल ने पिछले कुछ टूर्नामेंट्स में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है और वह एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता तेजिंदर पाल सिंह तूर को भी हरा चुके हैं। गिल ने अगस्त में अंतरराज्यीय एथलेटिक्स टूर्नामेंट में $19.82$ मीटर का थ्रो करके अपनी फॉर्म का प्रदर्शन किया था। उनका लगातार अच्छा प्रदर्शन उन्हें सैफ चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार बनाता है। समरदीप के अलावा, अन्य युवा ट्रैक एंड फील्ड एथलीट भी अपनी छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

