रिया सिन्हा: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष और एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के प्रमुख मोहसिन नकवी दुबई में चल रही आईसीसी की महत्वपूर्ण कार्यकारी बोर्ड की बैठक से दूरी बना सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, नकवी ने अपनी अनुपस्थिति का कारण ‘घरेलू राजनीतिक मुद्दे’ बताया है, लेकिन माना जा रहा है कि उनका यह फैसला एशिया कप ट्रॉफी विवाद पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के तीखे सवालों से बचने की रणनीति है। भारत को एशिया कप जीते हुए काफी समय हो गया है, लेकिन नकवी की जिद के चलते अभी तक विजेता टीम को ट्रॉफी नहीं सौंपी गई है।
ट्रॉफी विवाद पर BCCI ने दी थी सख्त चेतावनी
एशिया कप फाइनल के बाद से ही यह विवाद गहराया हुआ है। भारतीय खिलाड़ियों ने नकवी के भारत विरोधी बयानों के चलते उनके हाथों से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था, जिसके बाद नकवी ट्रॉफी लेकर चले गए थे। BCCI ने ACC को कड़ा पत्र लिखकर ट्रॉफी मुंबई भेजने को कहा था, लेकिन नकवी अब भी इस बात पर अड़े हैं कि वह खुद ही भारतीय प्रतिनिधि या खिलाड़ी को ट्रॉफी सौंपेंगे। BCCI ने साफ कर दिया था कि ट्रॉफी देने में और देरी होने पर इस मुद्दे को सीधे आईसीसी बोर्ड मीटिंग में उठाया जाएगा, जिसकी वजह से नकवी पर अब दबाव बढ़ गया है।
जय शाह से टकराव टालने की कोशिश
यह भी गौरतलब है कि जब से जय शाह आईसीसी के चेयरमैन बने हैं, मोहसिन नकवी ने किसी भी आईसीसी मीटिंग में हिस्सा नहीं लिया है। अब, जब BCCI सीधे तौर पर एशिया कप ट्रॉफी को लेकर सवाल उठाने के लिए तैयार है, तो नकवी का अनुपस्थित रहना साफ तौर पर BCCI की नाराज़गी और आईसीसी के संभावित एक्शन से बचने का प्रयास लग रहा है। नकवी की जगह पीसीबी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) सुमैर सैयद बैठक में शामिल हो सकते हैं। इस घटनाक्रम ने भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट संबंधों में तनाव को और बढ़ा दिया है।

