रिया सिन्हा: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए पहली बार आईसीसी महिला वनडे विश्व कप का खिताब जीत लिया है। 52 साल के इस टूर्नामेंट के इतिहास में यह भारत की पहली जीत है, जिसने करोड़ों भारतीयों का सपना पूरा किया। कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में टीम इंडिया ने नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से करारी शिकस्त दी। इससे पहले, भारतीय टीम 2005 और 2017 में फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन खिताब से चूक गई थी।
फाइनल में भारत का शानदार प्रदर्शन
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 50 ओवर में 7 विकेट पर 298 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। भारत के लिए सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने 87 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जबकि दीप्ति शर्मा ने बल्ले से 58 रनों का महत्वपूर्ण अर्धशतक जड़ा। स्मृति मंधाना (45) और ऋचा घोष (34) ने भी टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया। 299 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए, दक्षिण अफ्रीका की टीम 45.3 ओवर में 246 रन पर ही सिमट गई।
दीप्ति शर्मा और शेफाली वर्मा बनीं स्टार
गेंदबाजी में भी भारतीय महिला टीम ने दमदार प्रदर्शन किया। स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने अपनी शानदार स्पिन गेंदबाजी से दक्षिण अफ्रीका के मध्यक्रम को झकझोर दिया और 5 विकेट लेकर मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया। वहीं, बल्लेबाजी में कमाल दिखाने वाली शेफाली वर्मा ने गेंदबाजी में भी 2 विकेट चटकाए और अपनी ऑलराउंडर प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। दक्षिण अफ्रीका की ओर से कप्तान लौरा वोल्वार्ट (101 रन) का शानदार शतक भी अपनी टीम को जीत नहीं दिला सका।
बीसीसीआई ने की रिकॉर्ड इनाम राशि की घोषणा
इस ऐतिहासिक जीत के बाद, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम इंडिया के लिए ₹51 करोड़ की भारी पुरस्कार राशि की घोषणा की है, जो आईसीसी से मिली पुरस्कार राशि के अतिरिक्त है। इस जीत के साथ हरमनप्रीत कौर, कपिल देव और एम.एस. धोनी के बाद वनडे विश्व कप जीतने वाली तीसरी भारतीय कप्तान बन गई हैं। यह जीत देश में महिला क्रिकेट को एक नई पहचान और प्रेरणा देगी।

