रिया सिन्हा
भारत के भुवनेश्वर, ओडिशा में आयोजित 28वीं आईटीटीएफ-एटीटीयू एशियाई टेबल टेनिस टीम चैंपियनशिप 2025 में चीन ने अपना ऐतिहासिक दबदबा एक बार फिर साबित किया। चीन की पुरुष और महिला दोनों टीमों ने फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किए। यह जीत न केवल टेबल टेनिस में चीन की श्रेष्ठता को दर्शाती है, बल्कि 2026 विश्व टीम चैंपियनशिप के लिए भी उनकी मजबूत दावेदारी पेश करती है। चीनी खिलाड़ियों के प्रदर्शन में precision (सटीकता), power (शक्ति) और composure (संयम) का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला।
पुरुष टीम ने हांगकांग को हराया
पुरुष टीम के फाइनल में चीन का मुकाबला हांगकांग से हुआ। चीन ने यह मुकाबला 3-0 के एकतरफा स्कोर से जीतकर पुरुष टीम चैंपियनशिप का खिताब सफलतापूर्वक डिफेंड किया। चीन के लिए विश्व नंबर 2 लिन शिडोंग ने वोंग चुन तिंग को 11-8, 11-4, 11-4 से हराकर मजबूत शुरुआत दी। इसके बाद, विश्व नंबर 1 वांग चुकिन ने चान बाल्डविन को 12-10, 11-9, 5-11, 14-12 से कांटे के मुकाबले में हराया। लियांग जिंगकुन ने आखिरी मैच में यिउ कवान गो को 13-11, 11-6, 12-10 से हराकर चीन की जीत पर मुहर लगाई।
महिला टीम ने जापान को मात दी
महिला टीम के फाइनल में भी चीन का प्रदर्शन शानदार रहा और उन्होंने डिफेंडिंग चैंपियन जापान को 3-0 से हराकर खिताब जीता। पहले मुकाबले में विश्व नंबर 2 वांग मानयु ने 11वीं रैंकिंग वाली होनोका हाशिमोतो को कड़े संघर्ष के बाद 10-12, 11-3, 11-6, 11-3 से हराया। इसके बाद, विश्व नंबर 1 सुन यिंगशा ने मीवा हारिमोतो को 11-9, 11-5, 11-7 से हराकर बढ़त दोगुनी की। आखिर में, कुआइ मान ने हिना हयाता को 8-11, 12-10, 11-6, 11-9 से पराजित कर चीन को महिला टीम चैंपियन बनाया।

