Muskan Garg: भारत ने 25 वीं Deaflympics 2025 में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 20 मेडल जीते, जिनमें 9 स्वर्ण, 7 रजत और 4 कांस्य शामिल थे। श्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने भारतीय खिलाड़ियों को इस शानदार प्रदर्शन पर बधाई दी है।
कुल 20 मेडल: क्षेत्र और खेल:
स्वर्ण: 9
रजत: 7
कांस्य: 4
कुल मिलाकर 11 खेलों में हिस्सा लेने वाले भारतीय दल में 73 खिलाड़ी थे, जिसमें 45 पुरुष और 28 महिलाएँ शामिल थीं।
शूटिंग: भारत की ओर से सबसे शानदार प्रदर्शन: 16 मेडल:
इस बार शूटिंग ने भारत का सबसे ज्यादा सिक्का चलाया कुल 16 मेडलों में से 16 सीधे शूटिंग से मिले।
महित संधू ने चार मेडल हासिल किए: दो स्वर्ण और दो रजत मेडल। यह सफलता उन्हें टीम का सर्वश्रेष्ठ निशानेबाज़ बनाती है।
धनुष श्रीकांत: पुरुष 10 मीटर एयर राइफल में (252.2) के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाया।
मोहम्मद वानिया: 10 मीटर एयर राइफल प्रतियोगिता में रजत विजेता।
कोमल वाघमारे ने 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।
अनुया प्रसाद ने 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण पदक जीता और विश्व रिकॉर्ड भी तोड़ा।
25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में पुरुष में अभिनव डेश्वल ने स्वर्ण पदक जीता, साथ ही विश्व और डिफॉलिंपिक क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड भी बराबर किए।
महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल क्वालीफाईंग में प्रांजलि धूमल ने रिकॉर्ड बराबर किया और एक मेडल भी जीता।
50 मीटर राइफल प्रोन इवेंट में कुशाग्र सिंह राजावत ने कांस्य पदक जीता। 
अन्य खेलों में भी बढ़िया प्रदर्शन:
दीक्षा डागर: गोल्फ में वुमन इंडिविज़ुअल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को गौरवान्वित किया।
97 किग्रा पुरुष फ्रीस्टाइल वर्ग में पहलवान सुमित दहिया ने स्वर्ण पदक जीता।
भारत ने कराटे में भी पहली बार मेडल जीता: लोमा स्वेन ने कांस्य पदक हासिल किया।
सम्मान और बधाई और मोदी व शाह का संदेश:
प्रधान मंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि “निश्चय और समर्पण से शानदार परिणाम मिल सकते हैं।”
गृहमंत्री अमित शाह ने इस प्रदर्शन को “खेल प्रतिभा की शानदार झलक” बताते हुए खिलाड़ियों, कोचों और सपोर्ट टीम को भी बधाई दी।
इतिहास में भारत के लिए मील का पत्थर:
20 मेडलों की इस झड़ी ने भारत के डिफॉलिंपिक्स इतिहास में नया रिकॉर्ड बनाया। पहले सबसे बेहतर प्रदर्शन था, 2022 के caxias do sul में 16 मेडल से। अब 2025 में स्लोवेर मेडल टैली को पार कर दिया गया। विशेषकर, शूटिंग में 16 मेडल, यह दर्शाता है कि भारत में इस खेल की तैयारी और प्रतिभा कितनी मजबूत है।
यह सफलता ना सिर्फ व्यक्तिगत खिलाड़ियों के लिए बल्कि पूरे डेफ खेल समुदाय के लिए प्रेरणा है। आने वाले समय में और अधिक समर्थन, प्रशिक्षण और अवसरों के साथ, भारत ऐसे साहसिक खिलाड़ियों को पहचान और प्लेटफ़ॉर्म दे सके, जिसकी शुरुआत यह मुकाम हासिल करना साबित हो सकता है। इस जीत ने दिखाया कि सुनने-समझन औरे नॉर्मली काम करने की कमी किसी के साहस और सफलता को रोक नहीं सकती बस इच्छा, मेहनत और अनुकूल वातावरण की जरूरत है।
