
कामना कासोटिया रिपोर्ट भोपाल। भोपाल में मानसून को आए अब एक महीना पूरा हो चुका है। इस बार मानसून 18 जून को भोपाल पहुंचा था और तब से लेकर अब तक शहर में कुल 16.35 इंच (415.2 मिमी) बारिश दर्ज की जा चुकी है।जबकि भोपाल में पूरे मानसून सीजन (जून से सितंबर) में औसतन 39.8 इंच (1011 मिमी) बारिश का अनुमान रहता है। यानी अब तक कुल कोटे की लगभग 41.08% बारिश हो चुकी है।
इस साल मानसून की रफ्तार शुरू में थोड़ी धीमी रही, लेकिन धीरे-धीरे बारिश की गतिविधियां तेज़ होती जा रही हैं। पिछले कुछ दिनों में शहर में कई बार रुक-रुककर अच्छी बारिश हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में भी बारिश जारी रहने की संभावना है, जिससे आने वाले हफ्तों में बारिश का प्रतिशत और बढ़ सकता है।
मध्यप्रदेश के अन्य जिलों में भी अच्छी बारिशभोपाल के अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मानसून सक्रिय है। विशेष रूप से रीवा और सिंगरौली जिलों में इस बार काफी अच्छी बारिश हुई है। रीवा जिले में अब तक लगभग 10 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है, वहीं सिंगरौली में भी बारिश का आंकड़ा 9 इंच के करीब पहुंच गया है।
मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, जबलपुर, होशंगाबाद, बैतूल, छिंदवाड़ा, बालाघाट और नरसिंहपुर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
इन जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ तेज़ हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है।लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, खासतौर पर बारिश के समय। अगर निकलना जरूरी हो तो सावधानी बरतें और पानी भरे इलाकों से बचें।
अगले हफ्ते और तेज़ हो सकता है मानसूनमौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बन रहे सिस्टम के कारण मध्यप्रदेश में अगले हफ्ते से मानसून और अधिक सक्रिय हो सकता है। इससे बारिश की गति और तीव्रता दोनों बढ़ेंगी।अगर अनुमान सही रहा, तो जुलाई के अंत तक भोपाल और आसपास के इलाकों में कुल मानसूनी कोटे का 60% तक बारिश पूरी हो सकती है।
भोपाल में मानसून का एक महीना बीत चुका है और अब तक कुल बारिश का 41% हिस्सा गिर चुका है। आने वाले दिनों में बारिश और बढ़ने की संभावना है।
यह स्थिति शहरवासियों और किसानों दोनों के लिए राहत देने वाली है, लेकिन साथ ही सावधानी भी जरूरी है, खासकर भारी बारिश और बिजली गिरने के समय।सरकार और प्रशासन को भी चाहिए कि अलर्ट के दौरान सभी जरूरी इंतज़ाम पहले से सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
