Muskan Garg: दिल्ली में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस और आम जनता दोनों को हैरान कर दिया है। एक व्यक्ति ने बीमा का पैसा हड़पने के लिए अपने ही कर्मचारी की मौत का झूठा ड्रामा रचा। पूरी योजना इतनी फिल्मी थी कि वह एक नकली “डम्मी लाश” को श्मशान में लेकर पहुंच गया। लेकिन उसकी चालाकी पुलिस की नज़र से बच नहीं सकी, जिससे इस सनसनीखेज फर्जीवाड़े का पता चला।
कैसे रची गई झूठी मौत की कहानी?
मामले के अनुसार, आरोपी ने अपने कर्मचारी की “मौत” दिखाने की साजिश बनाई, जिसका उद्देश्य बीमा कंपनी से भारी क्लेम लेना था। उसने पहले बीमा पॉलिसी के लिए कर्मचारी का नाम बताया, फिर कहा कि अचानक तबीयत खराब होने से उसकी मृत्यु हो गई है। योजना को सही दिखाने के लिए उसने एक नकली शव (dummy) भी बनाया, वह कपड़े में लपेटा हुआ था और चेहरे पर पट्टियाँ बांध दी थीं, जिससे कोई उसे आसानी से नहीं पहचान सकता था। वह इस “लाश” को अंतिम संस्कार के लिए ले गया, ताकि बीमा कंपनी से भारी भरकम क्लेम प्राप्त कर सके।
श्मशान में बढ़ा शक, पुलिस को मिली सूचना:
श्मशान में काम करने वाले लोगों को पूरी घटना संदिग्ध लगी। कर्मचारी की पहचान नहीं दी गई। शरीर को जल्दी-जल्दी जलाने का प्रयास हुआ। दस्तावेज भी पूरे नहीं थे। श्मशान प्रबंधक ने इस पर पुलिस को तुरंत सूचना दी। पूरा मामला पलट गया जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर “लाश” की जांच की। मृत शरीर वास्तविक इंसान का नहीं था, बल्कि एक प्लास्टिक और रबर से बना हुआ Dummy था।
पूछताछ में खुली पोल, बचना हुआ मुश्किल:
पुलिस द्वारा पूछताछ में आरोपी ने पहले तो गोलमोल जवाब दिए, लेकिन जब लाश नकली निकली और उसकी सारी चालाकी बेनकाब हो गई तब उसने माना कि आर्थिक तंगी और व्यापार में मंदी और कर्ज के चलते उसने बीमा कंपनी से लगभग 30–40 लाख रुपये ठगने की योजना बनाई थी। पुलिस द्वारा अंशुल यानि कर्मचारी को मालिक के नम्बर से ही वीडियो कॉल की गई तो पता लगा कि अंशुल को जीवित और बिल्कुल ठीक है। बात करके पता लगा कि अंशुल को इस घटना की कोई भी जानकारी नहीं थी और वो कुछ दिन की छुट्टी से अपने गांव प्रयागराज गया था।
बीमा धोखाधड़ी पर कड़ा एक्शन:
मामले में आरोपी पर कई धाराओं में F.I.R. दर्ज की गई, जिसमें शामिल है: धोखाधड़ी करना, जालसाजी, गलत प्रमाण प्रस्तुत करना, आपराधिक साजिश आदि। बीमा कंपनियों ने भी इस घटना को गंभीर माना है और चेतावनी दी है कि ऐसे मामलो पर कड़ी करवाई की जाएगी।
इस घटना से पता चलता है कि लालच लोगों को गलत रास्ते पर ले जा सकता है। बीमा कंपनियों को ठगने के लिए फर्जी मौतों का प्रदर्शन करना न सिर्फ एक अपराध है, बल्कि भय, भ्रम और अविश्वास भी फैलाता है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले का पर्दाफाश करके एक बड़ी धोखाधड़ी को रोक दिया और ये संदेश दिया है कि कानून की नजर से कोई बच नहीं सकता है।
