रिया सिन्हा: ‘जिस परिवार में बहू-बेटियों को बाल पकड़कर और चप्पल से पीटा जाता हो, उस परिवार के मुखिया सुशासन की बात करते हैं।’ बिहार में जारी सियासी घमासान के बीच, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के पारिवारिक विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। BJP ने इस मामले को लेकर लालू और उनके परिवार पर कड़ा तंज कसा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिस घर में महिलाओं का सम्मान नहीं है, वह परिवार प्रदेश की महिलाओं को क्या सुरक्षा और न्याय देगा। उन्होंने पूछा कि क्या यही ‘सामाजिक न्याय’ है, जिसके दावे लालू यादव करते रहे हैं? इस बयान ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है और विपक्ष को RJD पर हमलावर होने का मौका दे दिया है।
राबड़ी देवी-तेजप्रताप विवाद पर BJP का निशाना
यह पूरा विवाद लालू यादव की बड़ी बहू ऐश्वर्या राय और उनके पति तेजप्रताप यादव के बीच चल रहे तलाक और कथित घरेलू हिंसा के आरोपों से जुड़ा है। ऐश्वर्या राय ने तेजप्रताप यादव और उनकी माँ राबड़ी देवी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। BJP ने इन्हीं आरोपों को हथियार बनाते हुए RJD की नैतिकता पर सवाल खड़े किए हैं। BJP नेता ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि एक महिला जो खुद पूर्व मुख्यमंत्री (राबड़ी देवी) रही हैं, अगर वह अपनी बहू के साथ ऐसा व्यवहार करती हैं, तो यह ‘महिलाओं के सशक्तिकरण’ के सरकारी दावों की पोल खोलता है। उन्होंने RJD से इस मामले पर स्पष्टीकरण देने और पीड़ित महिला को न्याय दिलाने की मांग की है।
बिहार की राजनीति में घरेलू कलह का मुद्दा
लालू यादव के परिवार का यह निजी विवाद अब बिहार की चुनावी राजनीति का एक प्रमुख मुद्दा बन चुका है। BJP इस मामले को ‘महिलाओं के सम्मान’ और ‘कानून व्यवस्था’ के सवाल से जोड़कर RJD को घेरने की कोशिश कर रही है। उनका मानना है कि इस घटना से RJD की जनता के बीच छवि पर नकारात्मक असर पड़ेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि BJP इस तरह के बयानबाजी से यह संदेश देना चाहती है कि जो परिवार अपने घर को नहीं संभाल सकता, वह पूरे राज्य को कैसे संभालेगा। दूसरी ओर, RJD के नेताओं ने BJP के इस तंज को ‘निजी मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप’ और ‘घटिया राजनीति’ करार देते हुए खारिज कर दिया है।
RJD का पलटवार और सियासी गर्माहट
BJP के तीखे हमले के जवाब में RJD के प्रवक्ता ने पलटवार करते हुए कहा कि BJP को दूसरों के पारिवारिक मामलों में ताँक-झाँक करने के बजाय अपने नेताओं के ऊपर लगे गंभीर आरोपों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक पारिवारिक और कानूनी मामला है, जिस पर अदालत फैसला करेगी और BJP इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश न करे। बहरहाल, इस विवाद ने आगामी चुनावों से पहले बिहार की राजनीति में गरमाहट ला दी है और दोनों प्रमुख दल इस मुद्दे को लेकर आमने-सामने आ गए हैं। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर BJP का यह तंज RJD के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है।

