Muskan Garg: देश की राजधानी नई दिल्ली में संसद सत्र में बुधवार को एक बार फिर से राजनीतिक तापमान उच्च होता दिखाई दिया, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच तीखी बहस चली। बहस के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर भाषा और व्यवहार को लेकर हमले किए, जिससे संसद में भी विवाद खड़ा हो गया।
‘गलत भाषा’ को लेकर अमित शाह पर हमला:
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि अमित शाह संसद में भाषण देते समय बहुत “नर्वस” थे और उन्होंने “गलत भाषा” (foul language) का इस्तेमाल किया। राहुल का आरोप है कि शाह मानसिक दबाव में थे, उनके हाथ कांप रहे थे और उन्होंने उचित तरीके से बहस नहीं की। राहुल ने यह भी कहा कि शाह ‘वोट चोरी’ से जुड़े उनके सवालों का जवाब नहीं दे पाए।
अमित शाह का पलटवार: भाषा पर स्पष्ट जवाब:
वहीं अमित शाह ने आरोपों के जवाब में कहा कि संसद में उनकी बात का क्रम और तरीका संविधान और संसदीय अनुशासन के अनुसार था। उन्होंने विपक्ष पर भी हमला किया और कहा कि सिर्फ “मुंसिफी (सिरियस फैसले)” करने से संसद नहीं चलेगी। शाह ने अपनी बात रखते हुए मतदान सुधारों और SIR (Special Intensive Revision) विषय पर भी तर्क दिए, लेकिन विपक्षी नारेबाजी और बहस के ढंग को लेकर आलोचना की।
पिछले बयान भी आए हैं सामने:
इससे पहले बिहार में राहुल गांधी की “मतदाता अधिकार यात्रा” के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी माता के खिलाफ कथित अपशब्दों के इस्तेमाल को लेकर अमित शाह ने कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया था और माफी की मांग की थी। शाह ने इसे लोकतंत्र पर कलंक बताया था।
राजनीतिक माहौल और भविष्य:
इस विवाद ने कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी राजनीतिक लड़ाई को और भी तीव्र कर दिया है। दोनों दल सोशल मीडिया और मीडिया मंचों पर एक-दूसरे के बयानों पर हमला और पलटवार कर रहे हैं, जिससे सियासी पारा और गर्म होता दिख रहा है। संसद से बाहर भी नेताओं के बयान और प्रतिक्रियाएं जारी हैं, जो आगामी दिनों में चुनाव और राजनीतिक रणनीतियों पर असर डाल सकते हैं।
