Baljinder Kaur: गणतंत्र दिवस परेड केवल हथियारों और सैन्य टुकड़ियों का प्रदर्शन नहीं होती बल्कि यह भारत के अनुशासन, साहस और एकता की जीवंत झलक भी पेश करती है। 26 जनवरी 2026 को कर्तव्य पथ पर ऐसा ही एक दृश्य देखने को मिला जब CRPF की महिला डेयरडेविल्स टीम ने अपने रोमांचक मोटरसाइकिल करतबों से पूरे देश को गर्व से भर दिया। यह प्रदर्शन सिर्फ साहस का नही बल्कि महिला सशक्तिकरण और आत्मविश्वास का भी मजबूत संदेश था।
महिला डेयरडेविल्स: साहस और अनुशासन की मिसाल
सीआरपीएफ की महिला डेयरडेविल्स टीम देश की उन चुनिंदा विशेष टुकड़ियों में शामिल है जो उच्च स्तरीय मोटरसाइकिल कौशल का प्रदर्शन करती हैं। इस टीम में शामिल महिलाएं कठोर प्रशिक्षण से गुजरती है जहां उन्हें संतुलन, एकाग्रता और अनुशासन की बारीकियां सिखाई जाती हैं। तेज रफ्तार बाइक पर जोखिम भरे करतब करना आसान नहीं होता लेकिन ये महिला जवान इसे पूरे आत्मविश्वास के साथ अंजाम देती हैं।
कर्तव्य पथ पर दिखा अद्भुत नजारा
गणतंत्र दिवस परेड के दौरान सीआरपीएफ की महिला डेयरडेविल्स ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसने दर्शकों को रोमांच से भर दिया। इस बार टीम में शामिल 42 महिला जवानों ने अनेका में एकता का संदेश देते हुए एक साथ कई मोटरसाइकिलों पर संतुलित करतब दिखाए। टीम का नेतृत्व सीआरपीएफ और एसएसबी की महिला अधिकारी सीमा नाग और नवीन कुमारी ने किया।
परेड में क्या-क्या रहा खास?
महिला डेयरडेविल्स टीम ने कई आकर्षक और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेशन पेश किए जिनमें शामिल थे:
मानव पिरामिड बनाकर बाइक चलाना।
पूरी तरह कोऑर्डिनेटेड राइडिंग।
विशेष संतुलन आधारित फॉर्मेशन
बाइक पर योग करते हुए करतब दिखाना।
इन सभी करतबों में अनुशासन, टीमवर्क और तकनीकी दक्षता साफ नजर आई।
महिला सशक्तिकरण का मजबूत संदेश
कर्तव्य पथ पर यह प्रदर्शन केवल रोमांच तक सीमित नहीं रहा। यह भारत की नारी शक्ति, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक बन गया। महिला डेयरडेविल्स ने यह साबित कर दिया कि सुरक्षा बलों में महिलाएं किसी भी भूमिका में पुरुषों से कम नहीं हैं।
सीआरपीएफ की महिला डेयरडेविल्स टीम हर साल अपने प्रदर्शन से समाज की सोच को बदलने का काम करती है। उनका संदेश साफ है—साहस, क्षमता और देशभक्ति किसी जेंडर की मोहताज नहीं होती। गणतंत्र दिवस 2026 पर उनका यह प्रदर्शन देश की हर बेटी के लिए प्रेरणा बन गया।
